बरखा त्रेहान ने बताया कि सौरभ राजपूत की हत्या के बाद से ही उन्होंने इस मामले को विभिन्न मंच पर मजबूती से उठाया। वह सौरभ राजपूत के स्वजन से मिली तथा हर संभव मदद की। मुस्कान के स्वजन से मिलकर इस कृत्य की निंदा करने को कहा। इसके बाद ही उन्होंने मुस्कान को फांसी देने का बयान दिया।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में न्यायालय को इसी तरह के सख्त कदम उठाने चाहिए। मुस्कान व साहिल को जल्द फांसी मिले, इसके लिए वह प्रयास करेंगी।

सौरभ हत्याकांड में पुलिस द्वारा काटा गया नीला ड्रम फाइल फोटो। जागरण
सौरभ हत्याकांड का निर्णय सुनाने की तारीख 14 अक्टूबर पहले से तय थी। जिला जज की अदालत के बाहर सुबह 10 बजे से ही मीडिया जुटा था। साढ़े 10 बजे जिला कारागार से मुस्कान और साहिल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया।
मुस्कान बेटी को गोद में लिए थी। डीजीसी केके चौबे के मुताबिक, जिला जज अरविंद कुमार मिश्र ने कंप्यूटर स्क्रीन पर साहिल-मुस्कान को देखकर कहा कि आज सजा के बिंदु पर सुनवाई है। उन्होंने दोनों से शिक्षा के बारे में पूछा। दोनों ने खुद को स्नातक बताया। स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर दोनों ने स्वस्थ होने की बात कही।
सफाई में कुछ कहने के सवाल पर मुस्कान ने कहा कि उसकी दो छोटी बेटियां हैं और उन्हें ध्यान में रखकर न्याय किया जाना चाहिए। साहिल से भी पूछा गया, लेकिन वह गुमसुम रहा। अंत में दोनों ने कहा कि उन्हें अदालत के न्याय पर पूरा भरोसा है।
