सूत्रों का कहना है कि इस पर विचार-विमर्श के लिए कम से कम छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
हंगामे के बीच यह विधेयक लोकसभा में पेश किया
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच यह विधेयक लोकसभा में पेश किया था। विधेयक में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत प्रश्नपत्र लीक कराने या परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
पेपर लीक के कारण कई बच्चों ने आत्महत्या
इसके अलावा, प्रश्नपत्र लीक से जुड़े संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्य NEET प्रश्नपत्र लीक के कारण कई बच्चों की कथित आत्महत्या के मामलों, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर सरकार को घेर सकते हैं।
मानसून सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ा
तो वहीं, सत्तापक्ष के सदस्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, विपक्ष शासित राज्यों में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं तथा पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुई ऐसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए जवाबी हमला कर सकते हैं। 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था, जिसके कारण कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका। सोमवार को भी NEET लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर दोनों सदनों में गतिरोध बना रहा।
