श्री बदरीनाथ मंदिर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ समारोह, 100 से अधिक सदस्यों एवं अतिथियों ने की सहभागिता
गुरुग्राम, 25 अक्टूबर 2026। गढ़वाल सभा (रजि.), गुरुग्राम की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को श्री बदरीनाथ मंदिर, रवि नगर, गुरुग्राम में हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में 100 से अधिक सदस्यों, वरिष्ठजनों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और गढ़वाली संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया गया।
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
समारोह का शुभारंभ पूजा-पाठ, हवन और महिला संगीत सहित धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ हुआ। पूरे आयोजन में भक्ति, उत्सव और पारस्परिक सौहार्द का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ज्ञान सिंह रावत ने की, जबकि समाजसेवी श्री राव ईश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभा के वरिष्ठ सदस्य श्री मंशाराम पुरोहित, संस्थापक सदस्य एवं शपथ दाता श्री टीका प्रसाद शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि श्री केशव दत्त शर्मा और श्री नरेंद्र रावत, संस्थापक साहित्यिक सचेतना एवं स्वास्तिक मासिक पत्रिका, का सम्मानपूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने सभा की सामाजिक भूमिका और सामुदायिक गतिविधियों के महत्व पर अपने विचार रखे।
नई कार्यकारिणी ने ग्रहण की पद एवं दायित्वों की शपथ
समारोह का मुख्य आकर्षण नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण रहा। सभा के संस्थापक सदस्य श्री टीका प्रसाद शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं दायित्वों के ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन की शपथ दिलाई।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में श्री नारायण सिंह रावत को अध्यक्ष, श्री गंगा सिंह नेगी को उपाध्यक्ष, श्री राय सिंह भंडारी को महासचिव, श्री जगदीप सिंह रावत को संयुक्त सचिव तथा श्री ईश्वर प्रसाद रतूड़ी को कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया।
शपथ ग्रहण के बाद उपस्थित सदस्यों और अतिथियों ने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह में कार्यकारिणी के छह अन्य सदस्यों के साथ वरिष्ठजनों और महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। विभिन्न सामाजिक एवं अन्य संगठनों से पहुंचे प्रतिनिधियों का स्वागत कर सामाजिक समन्वय और संगठनात्मक सहयोग की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी पारदर्शिता, सामूहिक निर्णय, आपसी सहयोग और समर्पण के साथ सभा की गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी। साथ ही समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने और सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
1964-65 में हुई थी सभा की स्थापना, मंदिर और धर्मशाला हैं गौरवशाली धरोहर
समारोह के दौरान गढ़वाल सभा के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि सभा की स्थापना वर्ष 1964-65 में हुई थी तथा इसका पंजीकरण वर्ष 1986-87 में कराया गया। स्थापना के बाद से ही सभा ने समाज को संगठित करने, धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सभा के इतिहास में श्री बदरीनाथ मंदिर एवं धर्मशाला का विशेष महत्व है। ये दोनों धरोहरें समाज की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का प्रतीक हैं। वक्ताओं ने इनके संरक्षण, रखरखाव और भावी पीढ़ियों तक इनके महत्व को पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, सक्रिय सदस्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी में निहित होती है। नई कार्यकारिणी के सामने सभा की ऐतिहासिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ सामाजिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सभा के सचिव श्री राय सिंह भंडारी ने किया। उन्होंने आयोजन की विभिन्न गतिविधियों का संचालन करते हुए उपस्थित सदस्यों और अतिथियों को कार्यक्रम से जोड़े रखा।
समारोह के अंत में सभा के संस्थापक सदस्य श्री मोहन सिंह रावत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि श्री राव ईश्वर सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री ज्ञान सिंह रावत, शपथ दाता श्री टीका प्रसाद शर्मा, विशिष्ट अतिथियों, वरिष्ठजनों, महिलाओं, सभा के सदस्यों और विभिन्न संगठनों से पहुंचे प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का भी धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सदस्यों एवं अतिथियों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया। समारोह का समापन उत्साह, पारस्परिक सद्भाव और नई कार्यकारिणी के प्रति विश्वास के वातावरण में हुआ।
गढ़वाल सभा के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी संगठन की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देगी।
प्रेषक:
नरेंद्र रावत ‘नरेन’
सदस्य, गढ़वाल सभा (रजि.), गुरुग्राम
