हरिद्वार। जिला कारागार रोशनाबाद में बंद अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में उनके अधिवक्ता ने जमानत अर्जी दाखिल की। अदालत ने मामले के विवेचना अधिकारी को 29 अक्टूबर तक संबंधित दस्तावेज और जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब 29 अक्टूबर को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
सहारनपुर स्थित आवास से हुई थी गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते रविवार को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हरिद्वार लाया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया था। इसके बाद से वह रोशनाबाद जिला कारागार में बंद हैं।
दीपिका राठौर की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
उर्मिला सनावर के खिलाफ पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्टूबर को रानीपुर कोतवाली में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर ने रविदास पीठ का नाम बदलने के मुद्दे पर दीपिका राठौर से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही, परिवार को जान से मारने की धमकी देने और दीपिका की छवि खराब करने के उद्देश्य से उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद पुलिस टीम ने सहारनपुर पहुंचकर उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया।
29 अक्टूबर को तय होगा जमानत पर आगे का रुख
अदालत ने जमानत अर्जी पर विचार करने के लिए पुलिस से मामले की जांच आख्या और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों के प्रस्तुत होने के बाद अदालत जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। फिलहाल जमानत को लेकर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
नार्को टेस्ट को लेकर एसएसपी ने दी सफाई
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी रानीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के संबंध में की गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी का नार्को टेस्ट से कोई संबंध नहीं है। यदि अदालत का आदेश प्राप्त होता है, तो महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में उन्हें नार्को टेस्ट के लिए भेजा जाएगा।
अब सभी की निगाहें 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में पुलिस की जांच आख्या और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत होने के बाद ही जमानत पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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