जमीन के मालिकाना हक को लेकर कांग्रेसियों ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। पूरा मामला स्वर्गीय कुलसुम खान के कृषि फार्म से जुड़ा हुआ है और अभी इस संपत्ति पर उनकी 90 वर्षीय बहन नसरीन सांगा का कब्जा है। दूसरी तरफ रॉबर्ट वाड्रा की भाभी होने का दावा करने वाली सायरा वाड्रा कुलसुम खान को अपनी बुआ बताती हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
कुलसुम खान के कृषि फार्म पर मालिकाना दावेदारी के मामले में एडीएम पंकज उपाध्याय की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की वार्ता कराई गई। इसके बाद एडीएम ने कहा कि पूरा मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट का आदेश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी। इस पर कांग्रेसी भड़क उठे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो दूसरा पक्ष जबरन भूमि पर कैसे काबिज हो गया। उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। इस दौरान एडीएम से कांग्रेसियों की तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे हंगामे की स्थिति बन गई।
प्रियंका गांधी से मामला जुड़ने पर हाईप्रोफाइल
बता दें कि कुलसुम खान के कृषि फार्म में वर्तमान में 12 एकड़ भूमि है। सायरा वाड्रा पत्नी रिचर्ड वाड्रा निवासी दिल्ली ने बताया कि वह प्रियंका गांधी की जेठानी हैं। उन्होंने दावा किया कि कुलसुम खान उनकी बुआ थीं। अविवाहित होने के कारण उनका कोई वारिस नहीं था, इसलिए उन्होंने अपने कृषि फार्म की वसीयत उनके नाम कर दी थी। दिसबंर 2025 में कुलसुम खान की मृत्यु के बाद से वह फार्म पर काबिज हैं। बुधवार को कुलसुम खान की बहन नसरीन सांगा ने उनकी गैरमौजूगी में उनके फार्म पर अवैध कब्जा कर उनके मजदूरों को फार्म से बाहर निकाल दिया। सायरा वाड्रा के आरोपों के बाद बुधवार शाम विधायक तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में कांग्रेसियों ने फार्म के गेट पर धरना दिया था। प्रियंका गांधी का नाम सामने आने के बाद जिले के कांग्रेसी सायरा वाड्रा के पक्ष में आ गए हैं, जिससे मामला हाईप्रोफाइल हो गया है।
दूसरे पक्ष के पास नहीं हैं स्वामित्व के कागजात: पीयूष
सायरा वाड्रा के वकील पीयूष पंत ने वार्ता के बाद बताया कि उन्होंने अपने मालिकाना हक के सारे कागजात प्रशासन को दिखाए हैं, लेकिन दूसरा पक्ष कोई भी अभिलेख नहीं दिखा पाया। प्रशासन ने मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण कोर्ट का आदेश मिलने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सायरा वाड्रा की वसीयत पर हमारी आपत्ति है: शुभम
नसरीन सांगा के वकील शुभम छाबड़ा ने बताया कि उन्होंने मालिकाना हक के सारे कागजात प्रशासन के सामने रखे हैं। सायरा वाड्रा के नाम भूमि संबंधी कोई दाखिल खारिज नहीं है। वसीयत पर भी नसरीन ने आपत्ति लगा रखी है। जबकि नसरीन के नाम वारिसान चढ़ा हुआ है। नसरीन सांगा का भूमि पर हमेशा कब्जा रहा है। वहीं प्रशासन ने फार्म पर दो प्लाटून पीएसी के अलावा किच्छा समेत सितारगंज, पुलभट्टा, रुद्रपुर, नानकमत्ता का पुलिस फोर्स लगाया है। पुलिस के उच्चाधिकारी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
दोनों पक्ष अपनी दावेदारी पर अड़े
बुधवार को सितारगंज रोड पर पिपलिया मोड़ के निकट कुलसुम खान कृषि फार्म गेट पर कांग्रेसियों के हंगामे के बाद प्रशासन ने गुरुवार 11 बजे तहसील मुख्यालय में दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया था। गुरुवार को एडीएम पंकज उपाध्याय की मध्यस्थता में सायरा वाड्रा और नसरीन सांगा के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा। इस दौरान एसडीएम गौरव पांडेय, सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी, तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी, कोतवाल रवि कुमार भी मौजूद रहे। दोनों वकीलों ने एक दूसरे के खिलाफ भूमि पर अपना दावा पेश किया। इस दौरान तहसील परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेसियों को जमावड़ा लगा रहा।
कांग्रेसियों का आरोप- प्रशासन ने एक तरफा ऐक्शन लिया
तीन घंटे चली दोनों पक्ष के वकीलों की वार्ता के बाद एडीएम ने बताया कि मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वह भूमि पर मालिकाना हक के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। कानून व्यवस्था की स्थिति कायम रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। इस पर कांग्रेसी बिफर उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलसुम खान के कृषि फार्म पर सायरा वाड्रा काबिज थीं। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन ने मिलीभगत कर पहले नसरीन सांगा को अवैध कब्जा करवाया। अब प्रशासन कोर्ट का हवाला देकर सायरा वाड्रा को वहां जाने से रोक रहा है। उन्होंने एडीएम से नसरीन सांगा को फार्म से बाहर निकालने की मांग कर फार्म पर ताला लगाने की मांग की, जिसे एडीएम ने नकार दिया। इसके बाद कांग्रेसियों की एडीएम से जमकर नोकझोंक हुई। एडीएम ने दोनों पक्षों को न्यायालय में पक्ष रखने की हिदायत दी। एडीएम ने बताया कि भूमि संबंधी मामला पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट के आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा पर निशाना साधा
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा उत्तराखंड में चार एकड़ जमीन हड़पने की कथित कोशिश में शामिल थे। भंडारी ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा की भाभी सायरा वाड्रा उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में चार एकड़ जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। जमीन का असली लीज स्वर्गीय कुलसुम खान के नाम पर है और अभी इस संपत्ति पर उनकी 90 साल की बहन नसरीन सांगा का कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कानूनी रास्ते काम नहीं आते तो कांग्रेस नेता कब्जा करने वाले को डराते-धमकाते हैं। हालांकि, इस पर कांग्रेस, प्रियंका गांधी वाड्रा या रॉबर्ट वाड्रा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
