सूत्रों के अनुसार, सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक जहाज को कुछ नुकसान पहुंचा है, लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखते हुए दहेज की ओर बढ़ रहा है. उधर कतर ने इस हमले की निंदा की है और चेतावनी देते हुए कहा कि अब बहुत हुआ, इस तरह के हमले स्वीकार्य नहीं.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
एलएनजी लेकर भारत आ रहा LNGC AL REKAYYAT नाम का यह जहाज 7 जुलाई को जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास से गुजर रहा था, तभी इस पर हमला किया गया. हमलावरों का मकसद बिल्कुल साफ था- जहाज को पूरी तरह तबाह करना. ड्रोन से सीधे जहाज के सबसे संवेदनशील हिस्से, यानी इंजन रूम पर सटीक स्ट्राइक की गई. इसके बाद जोरदार धमाका हुआ और इंजन रूम में भयंकर आग लग गई. मौके पर काले धुएं का गुबार छा गया. हालांकि, क्रू की किस्मत अच्छी रही कि इस भीषण हमले में किसी की जान नहीं गई और समंदर में कोई खतरनाक रिसाव नहीं हुआ.
सभी क्रू मेंबर सुरक्षित
यह हमला सीधे तौर पर भारत की सप्लाई चेन पर चोट करने की नापाक कोशिश है. कतर के रास लाफान से गैस की भारी खेप लेकर यह विशाल जहाज सीधे गुजरात के दहेज बंदरगाह की तरफ आ रहा था. जहाज पर कुल 29 क्रू मेंबर सवार हैं, जिनमें 4 हिंदुस्तानी नागरिक भी शामिल हैं. राहत की बात सिर्फ इतनी है कि हमारे चारों भारतीय और बाकी क्रू मेम्बर इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं.
क्रू ने दिखाया गजब का हौसला
हमलावरों का मंसूबा जहाज को समंदर में रोकना या डुबाना था, लेकिन उनके इरादे धरे के धरे रह गए. ड्रोन हमले और भारी नुकसान के बावजूद क्रू ने गजब का हौसला दिखाया. उन्होंने तुरंत आग पर काबू पाया और डटकर इस मुसीबत का सामना किया. यह जहाज बीच समंदर में रुका नहीं है, बल्कि हमलावरों की आंखों में धूल झोंककर सीना ताने भारत के दहेज पोर्ट की तरफ बढ़ रहा है. यह कोई इकलौती घटना नहीं है. पिछले 24 घंटे के अंदर इस समुद्री रास्ते पर कमर्शियल टैंकरों पर यह तीसरा बड़ा और सीधा अटैक है.
कतर ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले पर गुस्सा जताया. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. माजिद अल अंसारी ने कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कतर के जहाज ‘अल-रेकय्यात’ को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है. कतर ने ईरान से तुरंत ऐसी सभी गतिविधियां बंद करने की मांग की है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं. डॉ. अल अंसारी ने कहा कि इस हमले और इससे होने वाले सभी नुकसान और परिणामों के लिए ईरान पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा.
