मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास मौजूद कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई करीब दस दिन पहले किए गए हमलों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और शक्तिशाली रही.

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वहीं ईरान ने भी अमेरिकी हमलों के जवाब में अमेरिकी वॉरशिप पर मिसाइलें और ड्रोन हमले किए हैं.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया है कि ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले कुछ समय तक जारी रहेंगे और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे. वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, इस बार की सैन्य कार्रवाई पहले की तुलना में चार से पांच गुना बड़ी थी और ऑपरेशन कई घंटों तक जारी रह सकता है. अधिकारी ने इसे अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका का सबसे तीव्र सैन्य अभियान बताया.

‘यह जवाब नहीं, सजा है’- अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह हमला केवल जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से किया गया है. अधिकारी ने संकेत दिया कि सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले समय में भी कार्रवाई जारी रह सकती है. अमेरिकी सेना ने बताया कि उसके निशाने पर ईरान की कई अहम सैन्य क्षमताएं थीं. अमेरिका का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा रहा था.

ईरान ने अमेरिका पर किया पलटवार

वहीं ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए ओमान सागर में अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी वॉरशिप पर कम से कम दो एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और कई ड्रोन दागे गए. अभी तक मिसाइलों को रोके जाने, उनके टकराने या किसी नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है और अमेरिका ने भी इस हमले की पुष्टि नहीं की है. यह ईरान की ओर से उसके तट पर आज रात हुए बड़े हमलों और तेल व्यापार पर मिली छूट को रद्द किए जाने का जवाब हो सकता है.

बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में धमाकों की खबर

ईरानी सरकारी मीडिया ने हमलों के बाद कई स्थानों पर विस्फोटों की पुष्टि की है. रिपोर्टों के मुताबिक बंदर अब्बास, सीरिक और केश्म द्वीप के आसपास धमाकों की आवाजें सुनी गईं. बंदर अब्बास के शाहिद हक्कानी बंदरगाह और सीरिक पियर पर आग लगने की भी खबरें सामने आई हैं. हालांकि, ईरान ने अब तक किसी सैन्य नुकसान का विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है.

होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका की कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

ईरान ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया

हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) का बार-बार उल्लंघन किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए ईरान आवश्यक समझे जाने वाले सभी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. साथ ही उसने इस समझौते के उल्लंघन के संभावित परिणामों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया.

तेल प्रतिबंध फिर लागू, बढ़ सकता है आर्थिक दबाव

सैन्य कार्रवाई के साथ ही अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर दोबारा प्रतिबंध लागू करने की भी घोषणा की है. वाशिंगटन का कहना है कि यह कदम कॉमर्शियल शिप पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया है. वहीं ईरान ने इन प्रतिबंधों को पिछले महीने हुए समझौते का खुला उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की है.

युद्धविराम पर फिर मंडराया संकट

हालिया घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में लागू नाजुक युद्धविराम को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है. दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे. यदि मौजूदा स्थिति लंबी खिंचती है तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है.


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