करवाचौथ पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सरकार ने 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित किया है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर महिला कर्मचारियों के लिए छुट्टी का ऐलान किया गया है।

खास बात है कि हिमाचल प्रदेश में सरकारी दफ्तरों से लेकर स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालयों तक छुट्टी रहेगी।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने बुधवार (28 अक्टूबर) को बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया। धामी ने कहा कि करवा चौथ महिलाओं की आस्था, प्रेम और पारिवारिक विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। राज्य सरकार महिलाओं के हितों की रक्षा करने के साथ उनकी भावनाओं, मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, ” सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक त्योहारों से जुड़ी भावनाओं को भी मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, करवा चौथ जैसे त्योहार परिवारों में प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण की भावना को बढ़ावा देते हैं।”

माचल प्रदेश में सरकारी संस्थानों में भी छुट्टी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी करवा चौथ के अवसर पर 29 अक्टूबर को पूरे राज्य में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह छुट्टी सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू होगी।

राज्यपाल के निर्देश पर जारी अधिसूचना पर अतिरिक्त सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) हरीश गैजा ने हस्ताक्षर किए हैं। आदेश में राज्य सरकार के सभी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्कूल-कॉलेजों को शामिल किया गया है। हालांकि, इस छुट्टी में बैंक शामिल नहीं हैं। इसलिए कमर्शियल बैंक खुले रहेंगे।

करवाचौथ पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं पारंपरिक कपड़े और गहने पहनकर पूजा करती हैं। कई जगहों पर महिलाएं एक साथ पूजा करती हैं, भजन गाती हैं और त्योहार मनाती हैं। इस दिन चांद देखकर व्रत का पारण किया जाता है।

करवा चौथ पर पढ़ें ये व्रत कथा, सुखी वैवाहिक जीवन का मिलेगा आशीर्वाद

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास और पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ की पूजा के साथ व्रत कथा पढ़ने या सुनने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि व्रत कथा के बिना करवा चौथ की पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं करवा चौथ व्रत की प्रचलित कथा, जिसे पढ़ने और सुनने से व्रत का धार्मिक महत्व समझा जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा।