“शिवबारात से लेकर सपना चौधरी तक – उधम सिंह नगर में पंचायत चुनाव बना सियासी तमाशा!” ✍️ विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्ट

उत्तराखंड रद्रपुर | सावन का महीना, शिवरात्रि का उत्सव और राजनीति का चरम – उधम सिंह नगर के पंचायत चुनाव इस बार सिर्फ वोट नहीं, मनोरंजन, साजिश, तंज और तमाशे […]

उत्तराखण्ड क्रांति दल : राज्य निर्माण आंदोलन की रीढ़, लेकिन संघर्षशील भविष्य उत्तराखण्ड क्रांति दल (यूकेडी), उत्तराखण्ड का एक ऐसा क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन है जिसने राज्य निर्माण की चिंगारी को सुलगाया और उसे जन आंदोलन में बदल दिया। 26 जुलाई 1979 को कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. डी.डी. पन्त की अध्यक्षता में नैनीताल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में इस दल की नींव रखी गई। इस बैठक में इंद्रमणि बडोनी, बिपिन चंद्र त्रिपाठी, काशी सिंह ऐरी जैसे दूरदर्शी नेता भी उपस्थित थे, जिन्होंने एक अलग पहाड़ी राज्य के स्वप्न को मूर्त रूप देने के लिए जीवन समर्पित किया। यूकेडी की स्थापना उत्तर प्रदेश की उपेक्षा और पर्वतीय क्षेत्रों की अनदेखी के विरोध में हुई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य था – एक अलग राज्य का गठन जो स्थानीय जनता द्वारा शासित हो, ताकि पर्वतीय जनजीवन, संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक न्याय की रक्षा की जा सके। इस दल ने ‘क्षेत्रवाद’, ‘धर्मनिरपेक्षता’, ‘लोकतांत्रिक समाजवाद’ और ‘नागरिक राष्ट्रवाद’ जैसी विचारधाराओं को अपनाते हुए पर्वतीय जनमानस को संगठित किया। 1980 और 1990 के दशक में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन का सबसे मुखर चेहरा बनकर उभरा यूकेडी, निरंतर सत्याग्रह, प्रदर्शन और जनजागरण अभियानों के माध्यम से सरकारों पर दबाव बनाता रहा। अंततः 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, जिसे यूकेडी की ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जाता है। हालांकि, राज्य गठन के बाद यूकेडी ने 2002 के विधानसभा चुनावों में 4 सीटें जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की, परंतु समय के साथ यह दल आंतरिक गुटबाजी, नेतृत्व संकट और संगठनात्मक शिथिलता का शिकार होता चला गया। राष्ट्रीय दलों – कांग्रेस और भाजपा – के संसाधन और संगठनात्मक प्रभुत्व ने यूकेडी को हाशिये पर धकेल दिया। परिणामस्वरूप, आज यह दल उत्तराखण्ड विधानसभा में एक भी सीट नहीं रखता। फिर भी यूकेडी की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। यह आज भी क्षेत्रीय अस्मिता, पलायन, बेरोजगारी, स्थानीय अधिकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर मुखर है। यह पार्टी उत्तराखण्डी नागरिकता को समावेशी रूप में परिभाषित करती है, जातिवाद से दूर रहकर सभी स्थानीयों के हित की बात करती है – यह इसे वामपंथी राष्ट्रवादी दलों जैसे स्कॉटिश नेशनल पार्टी से जोड़ती है, हालांकि यूकेडी की नीति पूर्णतः संविधान सम्मत और गैर-अलगाववादी रही है। आज जब उत्तराखण्ड को बने 25 साल पूरे हो चुके हैं, यूकेडी के पास फिर से एक अवसर है – लोगों को यह बताने का कि जो सपना राज्य गठन के समय देखा गया था, वह अभी अधूरा है, और उसकी पूर्ति के लिए एक सशक्त क्षेत्रीय आवाज की जरूरत है। अगर यूकेडी आत्मावलोकन कर संगठन को एकजुट करे और अपनी ऐतिहासिक भूमिका को जनमानस तक पहुंचाए, तो यह दल भविष्य में भी उत्तराखण्ड की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

1979 को कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. डीडी पन्त की अध्यक्षता में नैनीताल में एक सभा हुयी थी. इस सभा में बिपिन चंद्र त्रिपाठी, इंद्रमणि बडोनी और काशी सिंह […]

वर्तमान समय में राजनीति एक ऐसा खेल हो चुका है कि देश में संकट के समय भी मौका तलाशने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ जाती। एक के लिए संकट का समय दूसरे के लिए अवसर का वक्त बन जाता है।

यह बात हम इसलिए कह रहे हैं क्यों कि जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे से ऐसा ही एक मौका विपक्ष को हाथ लगा है।✍️ अवतार सिंह बिष्ट, संवाददाता,हिंदुस्तान […]

विहार के पटना स्थित पारस अस्पताल में भर्ती गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या का मामला चर्चा में बना हुआ है. इस हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर लिए गए शूटर तौसीफ बादशाह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

सूत्रों के मतुाबिक, शूटर्स ने अस्पताल में भर्ती चंदन मिश्रा को 28 गोलियां मारी थीं. पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह ने चंदन मिश्रा की हत्या की सुपारी दी थी. […]

गुजरात ATS ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-कायदा से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ATS ने इनकी तस्वीरें भी सार्वजनिक कर दी हैं। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी आतंकी AQIS (अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) से जुड़े हुए हैं।

जल्द होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस गुजरात ATS के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और एजेंसी जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी जानकारी […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के लिए बुधवार को ब्रिटेन की अपनी दो दिवसीय यात्रा शुरू की।

पीएम मोदी का लंदन में भव्य स्वागत हुआ। इस यात्रा के दौरान भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को औपचारिक रूप दिया जाना है।✍️ अवतार सिंह बिष्ट, संवाददाता,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/उत्तराखंड राज्य […]

सावन का पावन माह चल रहा है। शिवालय में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें हैं तो ‘हर हर महादेव’ की गूंज चहुंओर है। देश में ऐसे कई मंदिर हैं, जो भक्तों के लिए बेहद खास और रहस्य से भरे हुए हैं।

इन्हीं में शामिल है, उत्तराखंड का ‘पंच केदार’ मंदिर। यहां बसे पंच केदार मंदिर में केदारनाथ, मद्महेश्वरनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ और कल्पेश्वरनाथ न केवल आध्यात्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि यहां प्राकृतिक […]

2025: इस वर्ष सावन अमावस्या का शुभ पर्व 24 जुलाई, गुरुवार को मनाया जाएगा। इसे हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन का विशेष महत्व पितरों की शांति और कृपा प्राप्त करने के लिए होता है।

प्रातः स्नान करके व्यक्ति पितरों को प्रसन्न करने हेतु तर्पण, दान, और श्राद्ध आदि करता है। माना जाता है कि इन कर्मों से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है […]

कै लाश पर्वत केवल एक पर्वत नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता, रहस्य और धार्मिक मान्यताओं का संगम है, जो न केवल हिंदू धर्म में, बल्कि बौद्ध धर्म, जैन धर्म और तिब्बती बोन परंपरा में भी समान रूप से पूजनीय है।

तिब्बत क्षेत्र में स्थित इस पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है और इसीलिए इसे सबसे पवित्र पर्वतों में गिना जाता है। पाँच वर्षों के अंतराल के बाद, […]

24 July: आज का दिन चंद्रमा तुला राशि में गोचर कर रहा है, जिससे लोगों में संतुलन और सामंजस्य बनाए रखने की भावना प्रबल होगी. गुरुवार के दिन बृहस्पति का प्रभाव भी रहेगा, जिससे शिक्षा, ज्ञान, सलाह और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी.

ऐसे में कई राशियों के लिए यह दिन सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा, जबकि कुछ को थोड़ी सावधानी से काम लेना होगा. आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार आज का […]