धामी सरकार की उपलब्धियों में एक नया अध्याय रोपवे क्रांति: उत्तराखंड पर्यटन और आस्था का नया आयाम

उत्तराखंड के इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। राज्य को एक साथ केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की सौगात मिली है। कुल 6,800 करोड़ रुपये की […]

धामी सरकार की उपलब्धियों में एक नया अध्याय रोपवे क्रांति: उत्तराखंड पर्यटन और आस्था का नया आयाम

उत्तराखंड के इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। राज्य को एक साथ केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की सौगात मिली है। कुल 6,800 करोड़ रुपये की […]

संपादकीय?झोलाछाप डॉक्टर: मौत के सौदागर, सिस्टम की नाकामी”

रुद्रपुर,हरिद्वार के भगवानपुर में 23 वर्षीय महिला और उसके नवजात की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप डॉक्टरों के आतंक को उजागर कर दिया […]

मुंबई में कभी दहशत का प्रयाय रह चुके अंडरवर्ल्‍ड डॉन अरुण गवल की रिहाई हो गई है। हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जमानत मंजूर किए जाने के बाद गवली अब 17 साल बाद नागपुर जेल से बाहर आया।

वहां से फ्लाइट लेकर वो मुंबई के लिए रवाना हुआ। आपको बता दें कि अरुण गवली 2004 में विधायक बना था, अखिल भारतीय सेना के उम्मीदवार के रूप में मुंबई […]

✍️ संपादकीय लेखउत्तराखंड की आपदाएं और विस्थापन की त्रासदी?उत्तराखंड की आपदाएं और सरकार का खोखला प्रबंधन

✍️ संपादकीय लेखउत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि यह भूमि अब लगातार प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रही है। पहाड़ टूट रहे हैं, नदियां उफान […]

पूरे उत्तराखंड उधमसिंह नगर में मानसून की स्थिति: भारी वर्षा, नदियाँ सामान्य, एक-दो स्थानों पर सड़क बाधित

बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। चंपावत में सबसे ज्यादा 1089 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकार्ड की गई, […]

मसूरी गोलीकांड : जब निहत्थों पर बरसीं गोलियाँ और टूटे लोकतंत्र के भ्रम?मसूरी गोलीकांड : शहादत और अधूरे सपने

मसूरी गोलीकांड : शहादत और अधूरे सपने 2 सितम्बर 1994, उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का वह काला दिन है जब शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाल रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस और […]

सीएम धामी ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों को नमन किया: राज्य आंदोलन के सपनों को साकार करने का संकल्प

खटीमा, 01 सितम्बर 2025।उत्तराखंड राज्य निर्माण के इतिहास में 1 सितम्बर 1994 का दिन एक अमिट अध्याय है। यही वह दिन था जब खटीमा की धरती पर आंदोलनकारियों के सीने […]

खटीमा शहीद स्मारक और 1 सितंबर 1994 का राज्य आंदोलन?खटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथाखटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी:खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्थल, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद राज्य आन्दोलनकारियों […]

संपादकीय:भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की राजनीति?ऐतिहासिक पृष्ठभूमि!उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए हमें इतिहास की गहराई में जाना होगा।

उत्तराखंड की धरती सदियों से देवभूमि के नाम से जानी जाती है। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी पहचान […]