कहा जाता है कि त्रेतायुग में इसी दिन हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम की सेवा की थी। एक कथा के अनुसार, जब भीम अपने बल पर घमंड करने लगे, तब […]
Category: उत्तर प्रदेश
रुद्रपुर। कई लोगों से ठगी कर चुकी हिना रावत का दीपक कक्कड़ के मोबाइल पर गलती से नंबर क्या लगा, उसने उसे अपना शिकार बनाने की योजना बना ली। उसने दीपक से व्हाटसएप चैट और काल कर मीठी मीठी बातें करने लगी तो दीपक भी उसके प्यार में ऐसा फंसा की 25 दिन में ही उसके साथ शादी करने को राजी हो गया।
उसे क्या पता था कि जिस महिला के प्रेम में अपना प्यार का परवान चढ़ा रहा है, वह जीवनसाथी नहीं, बल्कि ब्लैकमेलिंग की नीयत से शादी की है। शादी के […]
क नाडा में खालिस्तानी तत्व एक बार फिर बेलगाम होते नजर आ रहे हैं. भारत विरोधी रैलियों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी देने तक, उनका उन्माद अब अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है.
की बात तो ये है कि कनाडा सरकार इसे ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की आड़ में नजरअंदाज कर रही है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नया तनाव पैदा हो गया […]
इंदौर के रघुवंशी परिवार के घर मातम का माहौल है। अभी कुछ हफ्ते पहले तक घर में खुशियों का ठिकाना न था, लेकिन राजा रघुवंशी की हत्या (Meghalaya honeymoon murder) के बाद उनका परिवार कभी न खत्म होने वाला इंतजार कर रहा है।
लेकिन सोनम पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने करीब मेघालय जाने के लिए 9 लाख रुपये लिए और सारे सोने के गहने भी साथ ले गई थी। पुलिस के […]
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को आज हर कोई जानता है। उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब प्रभावित किया है। संजीदा किरदारों से लेकर कॉमिक टाइमिंग तक, उन्होंने हर रोल में जान डाली है।
लेकिन अब नाना पाटेकर के करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जो हाउसफुल 5 है। यह फिल्म अब उनके करियर की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बन […]
कनाडा की सरकार नागरिकता कानून में नया और एक बड़ा बदलाव करने वाली है। इसके लिए वहां की सरकार ने C-3 नाम का एक नया विधेयक संसद में पेश किया है। इस बिल के मुताबिक, अब कनाडा में जनमें बच्चों को वहां की नागरिकता नहीं मिल सकेगी।
यह नया विधेयक कनाडा के नागरिकता कानून को और सख्त बना सकता है। यह विधेयक मौजूदा वंशानुक्रम आधारित नागरिकता प्रणाली में बड़ा बदलाव करता है। अब अगर कोई कनाडाई नागरिक […]
रू स और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध में रविवार रात एक नया मोड़ आया, जब रूस ने यूक्रेन पर रिकॉर्ड 479 ड्रोन दागे. यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था.
यह हमला उस समय हुआ है जब रूस गर्मियों के अपने सैन्य अभियान को तेज कर रहा है और शांति वार्ताओं की संभावना भी टटोल रहा है. संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ […]
भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट को लेकर चल रहे कथित विवाद पर चीन और पाकिस्तान ने एक नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। मगर अब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फ्रांस यात्रा इस गलत प्रचार की हवा निकालने का काम करेगी।
अगले हफ्ते पेरिस में होने वाली यह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत की सैन्य प्रतिष्ठा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम […]
भारत की रक्षा ताकत D को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला एक बड़ा कदम सामने आया है. DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने एक ऐसा एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम तैयार किया है जो दुश्मन की न्यूक्लियर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है.
यह स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम भारत की अपनी तकनीक से विकसित किया गया है और यह दुश्मन की मिसाइल को धरती पर गिरने से पहले ही नष्ट कर […]
🚗 पर्यटन और वाहनों से बढ़ता प्रदूषण: पहाड़ों की सांस घुटने लगी है उत्तराखंड के पहाड़ी शहरों—विशेषकर नैनीताल, मसूरी, रामनगर, ऋषिकेश और चंपावत—में इन दिनों मैदानी गर्मी और स्कूलों की छुट्टियों के चलते पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर दिन हजारों की संख्या में गाड़ियां पर्वतीय सड़कों पर चढ़ाई कर रही हैं। इसका सीधा असर उत्तराखंड की वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ रहा है। जहाँ एक ओर पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित वाहन प्रवाह ने धुंध, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की विकराल समस्या पैदा कर दी है। नैनीताल और मसूरी जैसे शहरों में स्थिति यह हो चुकी है कि घंटों तक गाड़ियां रेंगती हैं, और पर्यटक व स्थानीय नागरिक दोनों ही दमघोंटू हवा में फँस जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआँ, पहाड़ों पर धीरे-धीरे फैलती धुंध, और ऑक्सीजन की गिरती मात्रा अब चिंता का विषय बन चुकी है। न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से यह खतरनाक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी—बच्चे, बुज़ुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह पार्किंग की सीमा निर्धारित करे, पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों की संख्या सीमित करे और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे। नहीं तो आने वाले वर्षों में “प्राकृतिक सौंदर्य की देवभूमि” केवल पोस्टकार्ड में ही दिखाई देगी—वास्तविकता में नहीं।
उत्तराखंड में तापमान, धुंध और प्रदूषण का खतरा: मानसून की दस्तक से पहले क्यों बिगड़ रहा है पहाड़ों का मौसम? ✍️ संवाददाता: अवतार सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी / शैल […]
