अप्रवासियों को लेकर सख्ती बरत रहे ट्रंप प्रशासन ने छह हजार अप्रवासियों को निर्वासित करने के लिए एक कठोर कदम उठाया है। दरअसल अमेरिकी सरकार ने इन 6000 जीवित अप्रवासियों को मृत घोषित कर उनके सामाजिक सुरक्षा नंबर रद्द कर दिए हैं।

इसका असर ये होगा कि ये लोग अब न अमेरिका में काम कर सकेंगे, न ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। बैंक खाता खोलने में भी परेशानी होगी। दरअसल […]

L OC पर पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई है। भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए पलटवार किया, लेकिन इस कार्रवाई में एक जवान भी शहीद हुआ है। बताया जा रहा है कि अखनूर के केरी बाट्टल इलाके में शुक्रवार को पाकिस्तान ने सीजफायर का

उस फायरिंग में ही एक जवान शहीद हुआ। वैसे भारतीय सेना ने भी पाक फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया है, सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए गोलीबारी की थी। […]

राजनीति नहीं, सेवा है धर्म: हनुमान जन्मोत्सव पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का आध्यात्मिक रूप

नैनीताल रोड, रुद्रपुर। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जब पूरा सिद्धविनायक हॉस्पिटल परिसर “जय श्री राम” और “जय बजरंग बली” के उद्घोषों से गूंज रहा था, तब एक अलग […]

राजनीति नहीं, सेवा है धर्म: हनुमान जन्मोत्सव पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का आध्यात्मिक रूप

नैनीताल रोड, रुद्रपुर।हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जब पूरा सिद्धविनायक हॉस्पिटल परिसर “जय श्री राम” और “जय बजरंग बली” के उद्घोषों से गूंज रहा था, तब एक अलग ही […]

जाखधार की अग्नि में तपेगा भक्ति का ज्वार: केदारघाटी में शुरू हुआ आस्था का महापर्व

गुप्तकाशी। संवाददाता विशेष श्रीमान दिनेश शास्त्री उत्तराखंड की केदारघाटी अपनी दिव्यता, सांस्कृतिक गरिमा और लोक आस्थाओं की शक्ति के लिए विशेष पहचान रखती है। यहां के पर्व, मेले और परंपराएं […]

हनुमान जयंती पर मां कमला फाउंडेशन ने लगाया भंडारा, समाजसेवी पंकज सिंह ने सेवा को बताया सौभाग्य

धार्मिक आयोजनों से समाज में बढ़ता है सद्भाव और सेवा भावना — पंकज सिंह रुद्रपुर। हनुमान जयंती के पावन पर्व पर मां कमला फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य भंडारे […]

विदाई का बस्ता: जब स्कूल से छुट्टी मिली बाप-बेटे को एक साथ, और सरकार को फिर भी नहीं आई नींद!

उत्तराखंड सरकार की शिक्षा नीति ऐसी महान है कि उसे देख खुद चाणक्य भी माथा पीट लें। अब आप ही देखिए—राज्य में अतिथि शिक्षकों की हालत ऐसी हो गई है […]

सन 1903 की कोलकाता झलक: जब पालकी थी महिलाओं की सवारी, ऑटो-रिक्शा नहीं थे

कोलकाता, 1903 — बीसवीं सदी की शुरुआत में भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, और कोलकाता उस समय भारत की राजधानी थी (1911 तक)। सड़कों पर गाड़ियों की जगह बैलगाड़ी, […]

हनुमान जयंती पर जगतपुरा में निकाली गई निशांत यात्रा, गूंजे जय श्रीराम के नारे

रुद्रपुर, 12 अप्रैल,हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज रुद्रपुर के जगतपुरा वार्ड नंबर 6 में भक्तिभाव और उल्लास के साथ निशांत यात्रा का आयोजन किया गया। ढोल-नगाड़ों, मंजीरों की […]

संपादकीय कॉलम: नौटंकीबाज़ नेता और उत्तराखंड की राजनीति का रंगमंच

उत्तराखंड को राज्य बने दो दशक से ऊपर हो चुके हैं। जिस संघर्ष, शहादत और सपने के साथ यह पहाड़ी राज्य बना था, वहां अब नीति नहीं, अभिनय राज कर […]