उत्तराखंड के गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिहोरा निवासी 50 हजार रुपये के इनामी अमरजीत सिंह को उत्तराखंड एसटीएफ ने हरिद्वार पुलिस के साथ संयुक्त मुठभेड़ में मार गिराया।

उत्तराखंड के गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिहोरा निवासी 50 हजार रुपये के इनामी अमरजीत सिंह […]

उत्तराखंड से बड़ी खबर: बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड का इनामी शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुलिस एनकाउंटर में ढेर

भगवानपुर क्षेत्र में हुई मुठभेड़, उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने एक को मार गिरायाहरिद्वार। नानकमत्ता गुरुद्वारे के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले अमरजीत […]

पुलिस द्वारा की गई जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा की गई जांच के उपरांत यह तथ्य प्रकाश में आया कि घटना को जिन दो लोगों के द्वारा कारित किया गया […]

नेपाल बार्डर से पकड़े गए फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले राहुल करीब एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर के नकली दस्तावेज बनवा कर उन्हें विदेश भागने में मदद कर चुका है।

हालांकि पूछताछ में आरोपित ने कहा कि अब तक उसने कितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए है, यह उसे याद नहीं है। लेकिन कई नामी बदमाशों की जानकारी आरोपित ने पुलिस […]

बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड मामले में आरोपियों के नाम का हुआ बड़ा खुलासा, श्री नानकमत्ता साहिब के अध्यक्ष समेत इन लोगों पर मुकदमा दर्ज…

प्रधान हरबंश सिंह चुघ पुत्र रंजीत सिंह चुघ निवासी गदरपुर तथा बाबा अनूप सिंह पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम नवाबगंज थाना विलासपुर जिला रामपुर की भूमिका इस हत्या के संबंध […]

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद जेल में बंद गैंगस्टर से नेता बने 63 वर्षीय मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

मुख्तार अंसारी एक प्रतिष्ठित परिवार की पृष्ठभूमि से थे, मगर बाद में उन्‍होंने इसके विपरीत अपनी छवि बना ली। जेल में बंद गैंगस्टर से नेता बने 60 वर्षीय मुख्तार अंसारी […]

नानकमत्ता साहिब में कारसेवक प्रमुख बाबा तरसेम की गोली मारकर हत्या

गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम को दो अज्ञात हमलावरों ने मारी।  खटीमा में इलाज के दौरान बाबा तरसेम की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार […]

पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकम सिंह कुंवर को एक तरफा पद मुक्त करने की जांच शुरू,हल्द्वानी, पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकम सिंह कुंवर को एक तरफा पद मुक्त करने की और मंच के अन्य मामलों की जांच शुरू, उपजिलाधिकारी परितोष वर्मा ने दिए जांच के आदेश,संरक्षक हुकम सिंह कुंवर और कार्यकारणी सदस्य कमल जोशी ने मंच मैं आम चुनाव कराने की मांग के साथ साथ पारदर्शिता की मांग की थी,हुकम सिंह कुंवर ने अपनी शिकायत पर कहा है उन्होंने 1982 मैं मंच की भूमि आंदोलन मैं अपने 122 साथियों के साथ जेल गए थे,लेकिन जब उन्होंने मंच मैं पारदर्शिता की बात की तो उन्होंने मुझे पदमुक्त कर बेइज्जत किया,उन्होंने कहा मैंने सभी से बात कर मामले को सुलझाने की बात की पर वह नही माने,कुंवर ने कहा वह मंच के समर्थक हैं पर किसी गिरोह की तरह मंच को चलाने के समर्थक नहीं हैं,कुंवर ने कहा उन्होंने मामले को सुलझाने के लिए डॉक्टर महेंद्र सिंह पाल,हरीश मेहता, किरन पांडे, प्रेम सिंह अधिकारी,भुवन जोशी जो संस्था के जीवित सदस्य हैं उनसे भी बात की,लेकिन कोई भी व्यक्ति मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं,मुझे पद की चाहत नहीं है,पर संस्था के आम चुनाव होने चाहिए,11 मार्च को मंच मैं मुझे इनके द्वारा अपमानित किया गया, पर्वतीय समाज के लोगों ने कहा हुकम सिंह कुंवर का पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के लिए बड़ा योगदान रहा है उनको एक तरफा पद मुक्त करना पूरे पर्वतीय समाज के लिए घातक है, पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट पृथ्वी पाल सिंह रावत, महामंत्री पंकज सुयाल,मंच के लिए जेल गए पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हरेंद्र सिंह बोरा,दीवान सिंह मटियाली,मयंक शर्मा,केदार पलड़िया, डॉक्टर बालम सिंह बिष्ट,मनोज शर्मा, पूर्व प्रमुख प्रकाश सिंह बोरा,दीवान सिंह बिष्ट,आदि ने निष्पक्ष जांच कर न्याय की मांग की है,सभी ने कहा हुकम सिंह कुंवर का योगदान भुलाया नही जा सकता,

चर्चित रामपुर तिराहा कांड में सामूहिक दुष्कर्म, लूट, छेड़छाड़ और साजिश रचने के मामले में पीएसी के दो सिपाहियों पर तीन दशक बाद दोष सिद्ध हुआ। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की।

PAC के दो सिपाही दोषी करार, सजा पर जल्द आएगा फैसला सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 18 मार्च नियत की गई। दोनों दोषी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शासकीय […]

 रामपुर तिराहा कांड में आखिरकार फैसले की घड़ी आ चुकी है। तीन दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है। सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने फैसले के लिए 15 मार्च की तिथि तय कर दी है। 30 वर्ष पहले दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों की मौत के मामले में फैसले की घड़ी आ गई है। इस मामले में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदात के भी मुकदमे दर्ज हैं रामपुर तिराहा कांड में 15 को आएगा पहला फैसला, 30 वर्ष पहले दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों का मामला आंदोलनकारी महिला ने पेश होकर दी गवाही।

एक पीड़िता ने कोर्ट पहुंचकर गवाही दी। सुरक्षा में लाकर यहां पेश किया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 20 मार्च की तिथि निर्धारित कर दी। पृथक उत्तराखंड गठन के […]