52 वर्षों से अधूरी सड़क के निर्माण को लेकर बुद्ध पार्क में जनसैलाब, क्षेत्रवासियों ने बुलंद की आवाज

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हल्द्वानी, 7 अगस्त।52 वर्षों से लंबित मोरनोला–कैलाश हैड़ाखान–रीठा साहिब–चम्पावत सड़क निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में विशाल एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। धरना स्थल पर सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना प्रारंभ हुआ और कुछ ही समय में पूरा परिसर जनसमूह से भर गया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, किसानों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग का विषय भर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, विकास और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। वक्ताओं ने कहा कि कई दशक बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण का सपना साकार होने की प्रतीक्षा में है। क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से शासन और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते आ रहे हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान “हमारा अधिकार–हमारा मार्ग”, “अब होगा निर्माण, होगा विकास” तथा “एकजुट हो संघर्ष करें, अधिकार लें” जैसे नारों से पूरा बुद्ध पार्क गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से लिखी गई थी। लोगों ने इस आंदोलन को जनहित का अभियान बताते हुए कहा कि विकास के लिए बेहतर सड़क संपर्क सबसे पहली आवश्यकता है।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोरनोला, मझोला, चोरगलिया, कैलाश हैड़ाखान, रीठा साहिब, लोहाघाट, चम्पावत, पिथौरागढ़ तथा आसपास के अनेक गांवों की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष रूप से इस मार्ग पर निर्भर है। सड़क बनने से लोगों का आवागमन आसान होगा और आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल तक पहुंचने का समय भी काफी कम हो सकेगा।

धरना प्रदर्शन में दीपक चौसाली, नेत्र सिंह, उमेश मेवाड़ी, संजय डालाकोटी,पूर्व राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप,पूर्व राज्यमंत्री हरीश पनेरु राज्य आंदोलनकारी किरण डालाकोटी, के नेतृत्व में छह जिलों को जोड़ने वाली सड़क निर्माण और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।


वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में कई गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसका असर विद्यार्थियों की शिक्षा, किसानों की उपज के परिवहन, व्यापारिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से इन सभी क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक हाईवे का कार्य कर सकता है। इससे हल्द्वानी, नैनीताल, कालाढूंगी, भीमताल, रीठा साहिब, लोहाघाट, देवीधुरा, चम्पावत तथा गोल्ज्यू धाम सहित अनेक धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक सुगम बनेगी। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
किसानों ने कहा कि कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने में परिवहन सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क बनने से फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद कम समय में बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। व्यापारियों ने भी सड़क निर्माण को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
महिला प्रतिभागियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आज भी बड़ी चुनौती है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से ऐसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
धरना-प्रदर्शन के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने, आवश्यक बजट जारी करने तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मांग पूरी तरह जनहित से जुड़ी है और लाखों लोगों की अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य क्षेत्र के विकास को गति देना है। उनका कहना था कि सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
धरना स्थल पर पूरे समय शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमर्थन से यह स्पष्ट हो गया है कि क्षेत्र की जनता सड़क निर्माण को लेकर पूरी तरह एकजुट है।
कार्यक्रम के अंत में आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में शीघ्र सकारात्मक पहल दिखाई देती है तो क्षेत्रवासियों में नया विश्वास पैदा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र के विकास के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।


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