26वें दिन भी जारी है?आंदोलनकारियों का अनशन, 10% क्षैतिज आरक्षण के तहत नियुक्ति की मांग तेज


देहरादून,  उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के तत्वावधान में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिए जाने और पिछले दो वर्षों से लंबित नियुक्तियों को शीघ्र जारी करने की मांग को लेकर शहीद स्मारक, देहरादून में चल रहा धरना-प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन शनिवार को 26वें दिन भी जारी रहा।
क्रमिक अनशन के 21वें दिन खटीमा से बलवंत सिंह भाटिया, होशियार सिंह ज्याला तथा उत्तरकाशी से शकुंतला रावत अनशन पर बैठे।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


खटीमा से आए आंदोलनकारियों ने कहा कि वे पिछले 13 वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है। उनका कहना था कि शासन-प्रशासन इस मामले में पहले ही काफी विलंब कर चुका है। अभ्यर्थियों की आयु लगातार बढ़ रही है और सरकारी सेवा के वर्ष भी कम होते जा रहे हैं। इसलिए सरकार को शीघ्र निर्णय लेकर लंबित नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने कहा कि खटीमा से बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों के पहुंचने से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। अब उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे राज्य आंदोलनकारी और उनके आश्रित एक मंच पर एकजुट होकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने वालों में राज्य आंदोलनकारी मंच के सलाहकार केशव उनियाल, जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, राम लाल, खटीमा से भूपेंद्र सिंह ज्याला, दीवान सिंह धामी, विकासनगर से राम किशन और चमन सिंह, ऋषिकेश से शैलेश सेमवाल, उत्तरकाशी से शिव सिंह रावत, चिन्हित आंदोलनकारी संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल, मसूरी से बिल्लू बाल्मिकी और क्रांति अभिषेक, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष विनोद असवाल तथा नेताजी संघर्ष समिति के प्रभात डंडरियाल सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र नियुक्तियों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।