पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर ठगी से संबंधित लेन-देन के ऑडियो व मैसेज के साक्ष्य वाले दो मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 13 मार्च 2026 को गोमिया थाना क्षेत्र की वादिनी पुष्पलता त्रिपाठी को साइबर अपराधियों ने फोन कर खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताया। आरोपियों ने महिला के पति के खाते में पाकिस्तान के एक खाते से 300 करोड़ रुपए अवैध रूप से आने और इसके एवज में 16 लाख रुपए कमीशन मिलने का आरोप लगाया। इसके बाद महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया और उससे अलग-अलग माध्यमों से कुल 4.50 लाख रुपए की ठगी की गई।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
– बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण ने पद से दिया इस्तीफा, JDU के खाते में जा सकती है कुर्सी मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 08/2026 दर्ज किया गया। कांड के उछ्वेदन के लिए पुलिस अधीक्षक, बोकारो के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर टीम ने आगरा में छापेमारी कर 23 वर्षीय रवि कुमार , पिता सुरेन्द्र, निवासी नगला हरमुख, आगरा और 21 वर्षीय ऋतिक कुशवाहा, पिता सुभास कुशवाहा, निवासी खेड़ा मोहल्ला, खेरागढ़, आगरा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाईल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों मोबाइल में साइबर फ्रॉड की रकम के लेन-देन से संबंधित ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य मिले हैं। दोनों मोबाइल को विधिवत जब्त कर लिया गया है। बोकारो साइबर अपराध थाना की ओर से साइबर ठगी के पीड़ियों को मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से राशि वापस कराने की कारर्वाई भी की गई है। साइबर ठगी के 4.30 लाख रुपए कराए वापस पुलिस के अनुसार, कुल 4,30,009 रुपए की ठगी की राशि वापस कराई गई है। इसमें 16 खाताधारकों के खातों में कुल 1,50,957 रुपए तथा कांड संख्या 35/2026 के खाताधारक प्रवीण कुमार के एचडीएफसी बैंक खाते में 2,79,052 रुपए वापस किए जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर टीम ने राज्य से बाहर जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों को उनके बेहतर कार्य के लिए पुरस्कृत किए जाने की बात कही गई है। छापामारी दल में पु.अ.नि. गौरव गोयल (अनुसंधानकर्ता), पु.अ.नि. प्रमोद कुमार पंडित, पु.अ.नि. रमेश कुमार, आरक्षी 565 रितेश कुमार (तकनीकी सहायक) और आरक्षी 1426 सुनील मंडल शामिल थे।
