वायरल दावों से हंगामा, आरोपों से उलझे तीन मामले: LPU विवाद से इंजीनियर पति पर FIR और अभिनेत्री भार्गवी की मौत तक
वायरल दावों से हंगामा, आरोपों से उलझे तीन मामले: LPU विवाद से इंजीनियर पति पर FIR और अभिनेत्री भार्गवी की मौत तक
देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई तीन घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित रेप और छात्रा की आत्महत्या की अफवाह से शुरू हुआ विवाद प्रदर्शन, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। बाद में मामले में उन छात्राओं के बयान सामने आए, जिनका वीडियो पहले विश्वविद्यालय की ओर से जारी किया गया था। दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की है, जहां एक महिला ने अपने इंजीनियर पति समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट तथा गंभीर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। तीसरी घटना वर्ष 2008 में तेलुगु अभिनेत्री भार्गवी की मौत से जुड़ी है, जिसे शुरुआती दौर में आत्महत्या माना गया, लेकिन पुलिस जांच के बाद इसे हत्या और आत्महत्या से जुड़ा मामला बताया गया।
LPU विवाद में क्या-क्या सामने आया?
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित रेप और आत्महत्या की खबर सोशल मीडिया पर फैलने के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मामला कैंपस से बाहर तक पहुंच गया। छात्रों ने प्रदर्शन किया, कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की गई और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
विश्वविद्यालय ने शुरुआत में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को गलत और अफवाह बताया। पुलिस की ओर से भी शुरुआती स्तर पर कहा गया कि उसे ऐसी घटना की जानकारी नहीं मिली थी। बाद में छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया तथा जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की गई।
छात्राओं का पहला वीडियो
विवाद बढ़ने के बाद LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राएं भी दिखाई दीं। छात्राओं ने कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और उन्हें इस मामले को लेकर परेशान नहीं किया जाए।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें तथा शांति बनाए रखें।
बाद के वीडियो से बदला मामला
इसके बाद उन्हीं छात्राओं का एक दूसरा वीडियो सामने आया। इसमें छात्राओं ने दावा किया कि पहले वीडियो में उन्हें प्रशासन की ओर से बताई गई बातें कहने के लिए कहा गया था। एक छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो के कुछ हिस्से काटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए तथा उसे पोस्ट किए जाने से पहले उनकी अनुमति नहीं ली गई।
एक अन्य छात्रा ने कहा कि उसका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है और उसके कमरे का नाम विवाद में बेवजह जोड़ा गया। इन बयानों के सामने आने के बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस की एसआईटी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम की वास्तविकता क्या थी और वायरल दावों में कितनी सच्चाई थी।
प्रदर्शन में तोड़फोड़
विवाद को लेकर छात्रों का प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया। कई स्थानों पर तोड़फोड़ की गई तथा कुछ सामान में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं। छात्रों के एक समूह ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा तथा पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस कैंपस पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। बाद में हाईवे पर यातायात बहाल कराया गया।
तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं बंद करने की घोषणा की है। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सुरक्षित रहने तथा किसी भी तरह के विवाद से दूर रहने की सलाह दी है।
गोरखपुर में इंजीनियर पति पर गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 25 वर्षीय महिला ने अपने इंजीनियर पति समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसका पति अश्लील फिल्में देखने के बाद उसी तरह के शारीरिक संबंध बनाने के लिए उस पर दबाव डालता था।
शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला के मुताबिक उसकी शादी 9 दिसंबर 2022 को दिल्ली में रहने वाले युवक से हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि शादी में उसके मायके वालों ने लाखों रुपये खर्च किए थे, इसके बावजूद शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से उसे परेशान किया जाने लगा।
महिला का आरोप है कि पति की सरकारी नौकरी का हवाला देते हुए एक करोड़ रुपये दहेज की मांग की जाती थी और रकम नहीं मिलने पर उसे ताने दिए जाते थे।
फरवरी 2023 में महिला अपने पति के साथ दिल्ली चली गई। वहां रहने के दौरान पति के व्यवहार को लेकर महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि पति उस पर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। महिला ने पीरियड्स के दौरान जबरन संबंध बनाने तथा अप्राकृतिक संबंध के लिए दबाव डालने का भी आरोप लगाया है।
महिला के मुताबिक विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अभिनेत्री भार्गवी की मौत की कहानी
तेलुगु सिनेमा और टेलीविजन से जुड़ी अभिनेत्री भार्गवी की मौत की घटना वर्ष 2008 में सामने आई थी। 16 दिसंबर 2008 को हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित फ्लैट में भार्गवी मृत मिली थीं। उनके साथ प्रवीण कुमार उर्फ ‘बुज्जी’ भी मृत पाया गया था।
शुरुआती जानकारी में इसे डबल सुसाइड की घटना माना गया, लेकिन पुलिस जांच में घटनाक्रम की अलग तस्वीर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार भार्गवी के शरीर पर चाकू से कई घाव मिले थे, जबकि प्रवीण की मौत साइनाइड खाने से हुई थी। जांच में इसे हत्या और आत्महत्या से जुड़ा मामला माना गया।
घटना से पहले मां से हुई थी बात
घटना वाले दिन भार्गवी ने सुबह करीब चार बजे अपनी मां से फोन पर बात की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी फिल्म ‘हॉलिडेज’ के निर्माता से भी बातचीत की। रिपोर्टों के अनुसार सुबह करीब साढ़े छह बजे वह नीचे आईं और ड्राइवर रमेश से मिलीं। इसके बाद वह कुछ सामान लेने के लिए दोबारा अपने फ्लैट में चली गईं।
कुछ समय बाद फ्लैट में पहुंचे लोगों ने भार्गवी को मृत अवस्था में पाया। उनके साथ प्रवीण कुमार भी मृत मिला।
संघर्ष से सफलता तक पहुंची थीं भार्गवी
भार्गवी ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी। इससे पहले वह नेल्लोर में ‘साई बाबा ऑर्केस्ट्रा’ में डांसर के तौर पर काम करती थीं। प्रवीण इसी ऑर्केस्ट्रा से जुड़ा हुआ था और दोनों की मुलाकात वहीं हुई थी।
बाद में भार्गवी अपने फिल्मी सपनों को पूरा करने हैदराबाद पहुंचीं। उन्होंने ‘देवदासु’ फिल्म से शुरुआत की। इसके बाद ‘आटा’ और ‘मां ऊरी वंता’ जैसे कार्यक्रमों में एंकरिंग की। फिल्म ‘अष्टा चम्मा’ में वरलक्ष्मी के किरदार से उन्हें पहचान मिली।
उनका करियर आगे बढ़ रहा था और उन्हें फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे थे। इसी दौर में उनकी जिंदगी का दुखद अंत हो गया।
इन तीनों मामलों में एक बात समान है—शुरुआती जानकारी, आरोप और बाद में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर ने कई सवाल खड़े किए हैं। LPU मामले में एसआईटी की जांच, गोरखपुर मामले में पुलिस की कार्रवाई तथा भार्गवी मामले में सामने आए पुराने जांच रिकॉर्ड ही घटनाओं की वास्तविक तस्वीर समझने का आधार हैं। किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानने से पहले जांच और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
