रुद्रपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि देश के विभाजन की सबसे बड़ी पीड़ा पंजाबी और सिख समाज ने झेली, इसके बावजूद इस समाज ने अपने पुरुषार्थ, मेहनत और पराक्रम के बल पर स्वयं को पुनः स्थापित करने के साथ उत्तराखंड की तराई को समृद्ध बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद हजारों परिवार अपना सब कुछ छोड़कर तराई में आकर बसे और कठिन परिस्थितियों में खेतों को आबाद करने, कारोबार खड़े करने तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम किया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
गुरुवार को रामपुर रोड स्थित आर्क होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज तराई उत्तराखंड के अन्न भंडार के रूप में पहचान रखती है। इसकी मजबूत नींव तैयार करने में पंजाबी-सिख समाज के किसानों, व्यापारियों और मेहनतकश परिवारों का बड़ा योगदान रहा है।
उन्होंने पंजाबी और सिख समाज की गौरवशाली विरासत, धार्मिक परंपराओं, सेवा भावना, राष्ट्र निर्माण तथा बलिदान की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर, वीर बाल दिवस, हेमकुंड साहिब रोपवे सहित केंद्र सरकार द्वारा सिख समाज की आस्था से जुड़े विषयों पर किए गए कार्यों को सामने रखा।
नानकमत्ता की पावन धरती को किया नमन
नितिन नबीन ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड की सिख विरासत को नमन करते हुए की। उन्होंने नानकमत्ता साहिब, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसे पवित्र स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
उन्होंने कहा कि नानकमत्ता साहिब की ऐतिहासिक गुरु परंपरा आने वाली पीढ़ियों को धर्म, सेवा, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती है। उन्होंने काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज, खटीमा, गदरपुर और जसपुर सहित पूरी तराई से पहुंचे पंजाबी एवं सिख समाज के लोगों का अभिनंदन किया।
विभाजन की पीड़ा से समृद्ध तराई तक
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन पंजाबी और सिख समाज के लिए गहरी पीड़ा लेकर आया। लाखों लोगों को अपना घर, जमीन और संपत्ति छोड़नी पड़ी। कठिन परिस्थितियों में हजारों परिवार उत्तराखंड की तराई पहुंचे। यहां उन्होंने मेहनत से खेतों को आबाद किया, उद्योग और कारोबार स्थापित किए तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के दौर में भी तराई के किसानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि उत्पादन बढ़ा और तराई उत्तराखंड के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में शामिल हुई। आज क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में पंजाबी-सिख समाज की अमिट छाप दिखाई देती है।
देश की रक्षा और सेवा में अतुलनीय योगदान
नितिन नबीन ने कहा कि सिख समाज का इतिहास सेवा, साहस, भाईचारे और बलिदान से भरा हुआ है। आजादी की लड़ाई से लेकर देश की सीमाओं की रक्षा तक सिख समाज के वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। गुरुद्वारों का लंगर, आपदा के समय सेवा और जरूरतमंदों की सहायता सिख समाज की महान परंपरा का हिस्सा है।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर का किया उल्लेख
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन के बाद दशकों तक भारत के श्रद्धालु दूर से करतारपुर साहिब के दर्शन करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलने से श्रद्धालुओं को पवित्र स्थल तक पहुंचकर दर्शन करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि सिख समाज की आस्था से जुड़े कई विषयों पर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
साहिबजादों के बलिदान को मिला राष्ट्रीय सम्मान
नितिन नबीन ने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का बलिदान पूरे भारत की अमूल्य राष्ट्रीय धरोहर है और नई पीढ़ी को इससे साहस, त्याग तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती है।
1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उठाया मुद्दा
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्दोष सिख परिवारों के साथ हुई त्रासदी की पीड़ा आज भी समाज के भीतर मौजूद है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में एसआईटी गठित कर लंबे समय से लंबित मामलों को आगे बढ़ाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि 1984 की त्रासदी को देश कभी भुला नहीं सकता।
हेमकुंड साहिब रोपवे से यात्रा होगी सुगम
नितिन नबीन ने गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 2700 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रोपवे बनने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा काफी सुगम हो जाएगी। विशेष रूप से बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान का आह्वान
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवा पीढ़ी में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर चुनौती बताते हुए पंजाबी-सिख समाज से नशामुक्त भारत के अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवार, धार्मिक संस्थाएं, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएं।
उन्होंने युवाओं को शिक्षा, खेल, स्वरोजगार, राष्ट्र सेवा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना
नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी प्रदेश की पहचान को मजबूत कर रहा है।
धामी बोले- तराई की समृद्धि में पंजाबी-सिख समाज की अमिट छाप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऊधमसिंह नगर और पूरी तराई के विकास में पंजाबी-सिख समाज के संघर्ष, मेहनत और पुरुषार्थ की अमिट छाप है। विस्थापन की पीड़ा के बाद इस समाज ने तराई को अपनी कर्मभूमि बनाया तथा कृषि, उद्योग, व्यापार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के सम्मान की रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक वर्ग विकास की यात्रा में भागीदार बने।
पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच हुआ स्वागत
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सम्मेलन स्थल पहुंचने पर विभिन्न समाजों की ओर से लगाए गए स्वागत स्टॉलों पर पुष्पवर्षा तथा जयकारों के बीच उनका जोरदार अभिनंदन किया गया। उन्होंने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, अमर शहीद सरदार ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करने तथा सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता हरविंदर सिंह विर्क ने की। कार्यक्रम की सर्वव्यवस्था की जिम्मेदारी गुरविंदर सिंह चंडोक और रोशन अरोड़ा ने संभाली।
ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह राणा, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल कुमार जिंदल, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, दायित्वधारी बलजीत सोनी, सरदार मंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह नामधारी, पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल, काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, रुद्रपुर महापौर विकास शर्मा, काशीपुर महापौर दीपक बली, जिला प्रभारी खिलेन्द्र चौधरी, जिला सह प्रभारी साकेत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, जिला महामंत्री तरुण दत्ता, रमेश जोशी, संदीप बाजवा, अमन विर्क, नवजोत ढिल्लों, हिमांशु शुक्ला, गजेंद्र प्रजापति, धीरेन्द्र मिश्रा, भारत भूषण चुग, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, राम पाल सिंह, फरजाना बेगम, राकेश सिंह, अमित पांडेय, गुंजन सुखीजा, गुरमीत सिंह, अमरदीप, जीतेन्द्र शांधू, विजय तोमर, मोर सिंह, सुरेश कोहली सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता तथा पंजाबी-सिख समाज के लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन में पंजाबी समाज की संस्कृति, सामाजिक एकता, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में पंजाबी एवं सिख समाज के लोगों की मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
