देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने दावा किया है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य की सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचने के बाद लगातार दौरे और जनसंपर्क कार्यक्रमों से उत्साहित रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन रहा है।
रावत ने कहा कि राज्य की जनता भाजपा सरकार की नीतियों, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की अनदेखी से परेशान है और आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब मतदान के माध्यम से देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में परिवर्तन की लड़ाई लड़ रही है और पार्टी को इसमें सफलता मिलेगी।
राज्य आंदोलनकारियों के मुद्दे पर रावत ने कहा कि जिन लोगों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया, आज उनकी समस्याओं को सुनने के लिए सरकार तैयार नहीं है। उन्होंने आंदोलनकारियों की लंबित मांगों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
कांग्रेस में एकजुटता का दावा करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा कांग्रेस को विभाजित दिखाने का प्रयास कर रही है, लेकिन पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मजबूती से प्रदेशभर में दौरा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
चंदन सिंह जीना प्रकरण को लेकर रावत ने सरकार पर राजनीतिक समय को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि वर्ष 2016 के मामले में पर्याप्त आधार था तो कार्रवाई में इतना लंबा समय क्यों लगा और चुनाव से कुछ महीने पहले ही यह मुद्दा क्यों प्रमुखता से सामने आया। हाल में ईडी ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर कार्रवाई की थी। रिपोर्टों के मुताबिक जीना हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ओएसडी रहे थे।
रावत ने कहा कि वह अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों और राजनीतिक दाग को मिटाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादाओं का पालन किया है और आगे भी उसी रास्ते पर चलने का प्रयास करेंगे।
महिलाओं के मुद्दे पर भी रावत ने सरकार को घेरा। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। यह आरोप राजनीतिक रूप से विवादित है और सरकार की ओर से इस पर अलग पक्ष रखा गया है।
रावत ने सरकार के विज्ञापन खर्च पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि करीब एक हजार करोड़ रुपये प्रचार और विज्ञापन पर खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि इतनी राशि का उपयोग राज्य के गांवों में पेयजल, गरीबों की सहायता और कमजोर वर्गों की समस्याओं के समाधान में किया जा सकता था।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी राजनीतिक हमला करते हुए उन्हें ‘हवाई नेता’ बताया और आरोप लगाया कि सरकार जनसरोकारों से दूर है।
इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने हरीश रावत को कांग्रेस का वरिष्ठ और सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हरीश रावत, गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, यशपाल आर्य और करण माहरा सहित वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में 2027 के चुनाव की तैयारी कर रही है।
कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री मनीष कुमार, नवीन जोशी, वीरेंद्र पोखरियाल, लालचंद शर्मा और गरिमा दसौनी सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
2027 में कांग्रेस उत्तराखंड में वापसी करेगी: हरीश रावतबोले- राज्य में कांग्रेस की लहर, भाजपा सरकार की नीतियों से जनता परेशानप्रकाश नाथ
