87 दिन से शहीद स्मारक पर धरना, धामी सरकार की चुप्पी पर आंदोलनकारियों में आक्रोश

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देहरादून, 9 सितंबर। वर्ष 2013 से रुकी नियुक्तियों की मांग को लेकर देहरादून के शहीद स्मारक पर आंदोलनकारियों का धरना बुधवार को 87वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री से वार्ता और उनके निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात के बावजूद नियुक्तियों के मामले में ठोस कार्रवाई सामने न आने पर आंदोलनकारियों ने सरकार के प्रति रोष जताया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


आंदोलनकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद उनके निर्देश पर एक शिष्टमंडल ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की थी। बैठक में वर्ष 2013 से लंबित नियुक्तियों के मामले पर विस्तार से चर्चा हुई थी। मुख्य सचिव की ओर से मामले के समाधान के लिए 10 से 15 दिन में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही कैबिनेट उपसमिति के माध्यम से मामले के क्रियान्वयन पर भी सहमति बनी थी। वार्ता को 12-13 दिन बीतने के बाद भी आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
खटीमा की सुनीता ठाकुर और विकासनगर के रामकिशन ने बताया कि बुधवार को उन्होंने सचिवालय स्थित कार्मिक विभाग में संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव की ओर से इस मामले को शीघ्र निस्तारित करने के दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं और विभागीय स्तर पर कार्रवाई चल रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियुक्तियों से संबंधित अंतिम रिपोर्ट जल्द मुख्य सचिव आनंद वर्धन को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है।
संयुक्त मंच के संयोजक अंबुज शर्मा ने कहा कि आंदोलनकारियों ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा करते हुए समय दिया है। यदि सरकार जल्द अपने वादे पर खरी नहीं उतरती है तो आंदोलनकारी पुनः आत्मघाती रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण को लेकर जल्द बैठक आयोजित कर धरने के आगामी स्वरूप पर निर्णय लिया जाएगा।
धरने को समर्थन देने वालों में रामकिशन, अंबुज शर्मा, सुनीता ठाकुर, मनोरथ ध्यानी, सत्या पोखरियाल, हल्द्वानी से लाखन सिंह चिलवाल, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, अमित सिंह परमार, विकास रावत, गीता नेगी, प्रभात डंडरियाल, गुरु प्रसाद पेटवाल, सावित्री पवार, उमेद चंद रमोला, शोभा उर्फ मंजू पंवार, सुभागा फर्स्वाण, कल्पेश्वरी नेगी, रेखा शर्मा, प्रमिला रावत (यूकेडी), सरदार खान पप्पू, दर्शनी भट्ट सहित अन्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।


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