खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने जिम्मेदारी

जालंधर बीएसएफ पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर हुए धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली है। हालांकि इस चिट्ठी में दावा किया गया है कि इस धमाके में दो BSF सिपाहियों की मौत हुई है और 3 घायल हैं, जो सही नहीं है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
KLA की इस चिट्ठी के अनुसार, ये IED ब्लास्ट रणजीत सिंह की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है। रणजीत सिंह को पंजाब पुलिस ने गुरदासपुर में एक एनकाउंटर में फरवरी के महीने में मारा था। गुरदासपुर के ही आधियां गांव में एक पुलिस के ASI और एक पंजाब होम गार्ड की हत्या में रणजीत सिंह शामिल था।
पहली घटना जालंधर में रात करीब 8:15 बजे हुई. यहां बीएसएफ पंजाब मुख्यालय के बाहर खड़ी एक स्कूटी में धमाका हुआ. विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.
कुछ घंटों बाद अमृतसर में धमाका
जालंधर की घटना के कुछ ही घंटे बाद रात करीब 10:30 बजे अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप के पास धमाका हुआ. स्थानीय लोगों के मुताबिक धमाके की आवाज करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. इतना ही नहीं, धमाके की तीव्रता इतनी थी कि कैंपस की दीवारें तक हिल गईं.
मौके पर पहुंचीं सुरक्षा एजेंसियां
दोनों घटनाओं के बाद सेना और पंजाब पुलिस तुरंत सक्रिय हो गईं. फॉरेंसिक टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. आसपास के इलाकों को घेरकर जांच की जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार दोनों ही घटनाओं में फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि धमाकों की प्रकृति और इनके पीछे की वजह का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है.
जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा, “लगभग 8 बजे हमारी गश्ती टीम यहां मौजूद थी। गेट के पास एक स्कूटी खड़ी थी। अचानक उसमें आग लग गई. हम बीएसएफ से जानकारी जुटा रहे हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्कूटी यहां काम करने वाले एक शख्स की है और जब वह यहां आया तो उसमें आग लग गई. हम इस घटना की हर पहलू से जांच करना चाहते हैं.”
जांच में जुटी एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या दोनों धमाकों के बीच कोई कड़ी है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं. इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. इन घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.

