2026: फाल्गुन अमावस्या फरवरी के माह में 17 तारीख को है। धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा पाठ करने से देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

वहीं इस दिन की गई पूजा कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को भी सुधारती है। योग-ध्यान आदि करने से भी अच्छे परिणाम इस दिन प्राप्त होते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि इस दिन पर क्या कार्य आपको करने चाहिए और किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।

फाल्गुन अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए?

  • इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और देवी-देवताओं के साथ ही पितरों की पूजा करनी चाहिए।
  • पितरों के निमित्त जल में काले तिल, कुश आदि मिलाकर अर्घ्य आपको देना चाहिए।
  • इस दिन कंबल, कपड़े, अन्न, धन आदि का दान करने से भी शुभ फल मिलते हैं।
  • पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।
  • इस दिन एकांत स्थान पर बैठकर ध्यान का अभ्यास करना चाहिए। ऐसा करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान की आपको प्राप्ति होती है।
  • अमावस्या के दिन धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना भी शुभ माना जाता है।
  • भगवान शिव, विष्णु, सूर्य देव, माता लक्ष्मी, मां सरस्वती आदि के मंत्रों का जप भी इस दिन कल्याणकारी माना गया है।

फाल्गुन अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

  • अमावस्या तिथि के दिन गलती से भी तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज आदि खाने से आपको बचना चाहिए।
  • इस दिन नाखून-बाल आदि कटवाने से भी बचें।
  • घर में लड़ाई-झगड़ा इस दिन न करें और वाद-विवाद की स्थिति से बचें।
  • फाल्गुन अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है इसलिए इस दिन आपको यात्राएं करने से भी बचना चाहिए।
  • तुलसी, बेल आदि के पत्ते इस दिन तोड़ना सही नहीं माना जाता।
  • अमावस्या के दिन आपको दिन के समय सोने से भी बचना चाहिए।
  • बड़े-बुजर्गों का निरादर इस दिन न करें नहीं तो पितृ दोष से पीड़ित हो सकते हैं।
  • नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए सुनसान जगहों पर जाने से इस दिन बचें।