सीएम धामी ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलिखटीमा, 01 सितम्बर 2025।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा पहुँचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया और उनके परिजनों को अंगवस्त्र व उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का स्मरणीय दिवस है। 1 सितम्बर 1994 को खटीमा गोलीकांड में भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानंद भट्ट और परमजीत सिंह जैसे वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर राज्य आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर नागरिक इन अमर बलिदानियों का सदैव ऋणी रहेगा और उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
सीएम धामी ने आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी भावनाओं और आदर्शों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों को 3000 रुपये मासिक पेंशन, घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। अब तक 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित किया गया है और उन्हें सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है और सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून बनाया है, जिसके बाद 24 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश की डेमोग्राफी को सुरक्षित रखने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। 7 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इस अवसर पर उन्होंने जनसमुदाय को “हिमालय बचाओ अभियान” की शपथ भी दिलाई और कहा कि हिमालय के पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट और क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक भुवन कापड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, सुभाष बर्थवाल, फरजाना बेगम, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, जीवन सिंह धामी, गोपाल सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, डीएफओ हिमांशु बागरी, एडीएम पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
खटीमा। आज 1 सितंबर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन की ऐतिहासिक तिथि पर खटीमा में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 सितंबर 1994 को खटीमा की धरती पर राज्य आन्दोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर अलग उत्तराखण्ड राज्य की नींव को मजबूत किया था। खटीमा गोलीकांड के शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए शहीद हुए वीर आन्दोलनकारी सदैव हमारे दिलों में अमर रहेंगे और उनका सपना सशक्त व समृद्ध उत्तराखण्ड ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, राज्य आन्दोलनकारी परिवार, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीदों का बलिदान ही आज हमें अलग उत्तराखण्ड राज्य की पहचान दिलाने में सफल रहा है। सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के सम्मान और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

, 1 सितंबर 2025 (लाइव):मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा शहीद स्मारक पर राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें पर्वतीय अस्मिता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान से आज उत्तराखण्ड आत्मनिर्भर व मजबूत राज्य बना। श्रद्धांजलि सभा के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान का आदेश दिया। साथ ही, खटीमा में केंद्रीय विद्यालय भवन का लोकार्पण कर शिक्षा क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्थल, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं वहां उपस्थित महानुभावों को हिमालय की रक्षा हेतु शपथ भी दिलवाई।
खटीमा गोलीकांड ने उस समय मेरे जैसे अनेक युवाओं के भीतर एक ज्वाला प्रज्वलित की, जिसने हमें उत्तराखंड के अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। हमारे अमर बलिदानियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही हमें उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति हुई है।
हमारी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों से किए गए वादे को पूरा करते हुए उन्हें व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है और हम उनके सपनों के अनुरूप नव्य-दिव्य उत्तराखण्ड के निर्माण हेतु निरंतर कार्यरत हैं।
