रुद्रपुर, अप्रैल 2025 — टाटा मोटर्स लिमिटेड, पंतनगर द्वारा जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से संचालित पोषण केंद्र (Parvarish Kendra) ने एक और उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। रुद्रपुर के भदईपुरा क्षेत्र में संचालित इस केंद्र ने पास के आंगनवाड़ी केंद्र से नामांकित 31 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाल कर एक नई मिसाल कायम की है।
प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)संवाददाता
सितंबर 2024 में प्रारंभ हुआ यह पोषण केंद्र हाल ही में संपन्न हुआ, जिसमें सभी बच्चों को बेहतर पोषण स्तर तक पहुँचाने में सफलता मिली। इस सराहनीय परियोजना को टाटा मोटर्स के एनजीओ साझेदार इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी), किच्छा द्वारा धरातल पर उतारा गया। परियोजना में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, सीडीपीओ, पर्यवेक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
समापन समारोह में बढ़-चढ़कर रही सहभागिता
समारोह में टाटा मोटर्स पंतनगर की ओर से प्रदीप सांगवान (डीजीएम – सप्लायर क्वालिटी), सीएसआर मैनेजर प्रीतम मोतीलाल, श्रीमती बिंदुवासिनी (प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आईएसडी), आईसीडीएस पर्यवेक्षक श्रीमती यशोदा कार्की, तथा टाटा मोटर्स से दीपक कुमार, श्रीमती आराधना, अरुण कुमार, अंकिता जुयाल, नीतिका जोशी और अनिल वत्स उपस्थित रहे।
बीएपीएल की टीम से शुभम और दीपक, और बदईपुरा से अनुभव चौधरी जी बी ने टाटा समूह के प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस क्षेत्र को सीएसआर परियोजना में शामिल करने के लिए आभार प्रकट किया।
एक साझा संकल्प
यह परियोजना केवल पोषण सुधार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामुदायिक संकल्प का प्रतीक है—जहाँ सरकारी विभाग, निजी संस्थान और स्थानीय समुदाय एक साथ आकर बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखते हैं। टाटा मोटर्स की यह पहल बाल स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है, जो आने वाले समय में और भी क्षेत्रों में लागू हो सकती है।
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