शर्मिला ने इस मुकाबले में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 9.81 मीटर का थ्रो फेंका और पोडियम में टॉप स्थान हासिल किया। इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा के शीला ने भी अपना जोर दिखाया, लेकिन अंत में शर्मिला का थ्रो सबसे भारी पड़ा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
शर्मिला ने जीता गोल्डमैच की शुरुआत से ही शर्मिला बेहद लय में नजर आईं। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 9.48 मीटर का एक ठोस थ्रो फेंककर बढ़त बना ली थी। इसके बाद अगले राउंड में उन्होंने 9.81 मीटर की दूरी तय कर अपने सीजन का बेस्ट प्रदर्शन दर्ज किया। कनाडा, इंग्लैंड, वेल्स, घाना और ऑस्ट्रेलिया जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद कोई भी एथलीट भारतीय खिलाड़ी के इस आंकड़े को पार नहीं कर सकी। इस स्वर्णिम सफलता के साथ एक बार फिर ग्लासगो के मैदान पर भारत का झंडे सबसे ऊपर लहराया।
हाई जंप में सिल्वर आया दूसरी ओर, पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में भारत के सर्वेश कुशारे ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की। बेहद रोमांचक रहे इस फाइनल में सर्वेश और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड, दोनों ही 2.28 मीटर की ऊंचाई को पार करने के अपने तीनों प्रयासों में असफल रहे। ऐसे में ‘काउंटबैक’ (कम प्रयासों में पिछली ऊंचाइयां पार करने) के नियम के आधार पर जमैका के बेकफोर्ड ने बाजी मारी और स्वर्ण जीता, जबकि सर्वेश को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
आदर्शन राम 5वें नंबर पर
ई जंप के इस इवेंट में अन्य भारतीयों की बात करें तो जे आदर्श राम 5वें स्थान पर रहे। वहीं, पदक के मजबूत दावेदार माने जा रहे तेजस्विन शंकर के लिए मुकाबला निराशाजनक रहा। वे अपने पहले ही प्रयास के बाद चोट या परेशानी के कारण स्पर्धा से बाहर हो गए। इस ऐतिहासिक शाम के बाद भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है, जहाँ पैरा-एथलेटिक्स और हाई जंप दोनों ही मोर्चों पर तिरंगा शान से लहराया।
