रुद्रपुर में नवजात बच्ची को चर्च के पास छोड़ने के मामले में मां समेत तीन हिरासत में, इलाज के दौरान मासूम की मौत



सिंह कॉलोनी में कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली थी दो से तीन दिन की बच्ची, सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने तेज की कार्रवाई
रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में चर्च के पास एक कार के नीचे लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें बच्ची की मां भी शामिल बताई जा रही है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और बच्ची को वहां छोड़ने के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर


जानकारी के अनुसार, शनिवार 17 अक्टूबर की शाम रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी स्थित चर्च रोड पर खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी दो से तीन दिन की नवजात बच्ची मिली थी। चर्च के पास बच्ची के मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बच्ची की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था, लेकिन तीन दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद सोमवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया। उपचार के दौरान पीलिया के कारण उसकी हालत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है।
सीसीटीवी फुटेज से जांच, तीन लोग हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर दो महिलाओं समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें बच्ची की मां भी शामिल बताई जा रही है। हालांकि, बच्ची को वहां छोड़ने की वजह और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका का खुलासा पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को चर्च के पास कार के नीचे किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही।
बच्ची के हाथ में लगा था कैन्युला, नाभि पर थी क्लिप
नवजात बच्ची के बाएं हाथ में कैन्युला लगा हुआ था और नाभि पर क्लिप लगी थी। इससे यह स्पष्ट था कि बच्ची को हाल ही में चिकित्सकीय देखभाल मिली थी। बच्ची को कार के नीचे से निकालने के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी मदद की और पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
मामले में आदर्श कॉलोनी चौकी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्ची को उपचार के लिए भिजवाया था। पुलिसकर्मियों ने बच्ची की जरूरतों को देखते हुए कपड़े, डायपर और दूध की बोतल की व्यवस्था भी कराई थी।
मासूम की मौत से मामले ने लिया गंभीर मोड़
नवजात बच्ची की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस की जांच बच्ची को वहां छोड़ने की परिस्थितियों, संबंधित लोगों की भूमिका और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बच्ची को छोड़ने के पीछे की वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।