जिसके लिए विस्तृत परीक्षा कैलेंडर भी आयोग द्वारा जारी कर दिया गया है. इस कैलेंडर के अनुसार अगस्त 2026 से लेकर दिसंबर 2026 तक लगातार परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी ताकि समय सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा सके.
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े यह पद सीधे तौर पर सरकारी कामकाज और सेवाओं पर असर डालते हैं अब 1632 पदों पर एक साथ भर्ती होने से ना सिर्फ प्रशासनिक काम काज सुचारू होगा बल्कि हजारों युवाओं को नौकरी का सुनहरा अवसर भी मिलेगा. खास बात आयोग के लक्ष्य को लेकर भी है भर्ती प्रक्रिया की डेडलाइन दिसंबर 2026 रखी गई है यानी उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले ही ज्यादातर नियुक्तियों का रास्ता साफ़ हो जाएगा.
परीक्षा कैलेंडर जारी होने से अभ्यार्थियों को मिलेगा लाभ
परीक्षा कैलेंडर जारी होने सब से बड़ा लाभ उन उम्मीदवारों को मिलेगा जो परीक्षा के लिए कई वक्त से मेहनत कर रहे हैं. अब उन्हें अंदाजे या अफवाहों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. हर भर्ती परीक्षा की तिथि पहले से तय होने से वह अपनी पढ़ाई का शेड्यूल व्यवस्थित तरीक़े से बना सकेंगे.
आयोग के अध्यक्ष जी एस मार्तोलिया ने जानकारी देते हुए बताया है की पहले से घोषित भर्ती कार्यक्रम के अनुरूप ही सारी परीक्षा तय तरीक़े पे संपन्न करवाई जाएंगी.
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गौरतलब है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर बीते कुछ वक़्त में पेपर लीक के आरोप लगते रहे हैं और अब सरकार और चयन आयोग दोनों की कोशिश है की भर्ती परीक्षा को पारदर्शी तरीक़े से पूरा किया जा सके. जिस दिशा में यह परीक्षा कैलेंडर एक अहम कदम माना जा रहा है अब देखना यह होगा की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की यह परीक्षा धरातल पर क्या रूप लेती है.
