उत्तराखंड में निगम, निकाय कर्मचारियों का बकाया भुगतान लटकने, वेतन विसंगति, रिकवरी पर राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने विरोध जताया। महासंघ ने इन सभी समस्याओं का समाधान न होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी।

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महासंघ अध्यक्ष दिनेश गोसाईं ने कहा कि परिवहन निगम, वन निगम में कर्मचारी शासन की दोहरी नीति का खामियाजा भुगत रहे हैं। सात साल पहले रिटायर हुए कर्मचारियों के बकाया को आज तक रोका हुआ है। ऐसा कर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बकाया भुगतान के इंतजार में कई कर्मचारियों का निधन तक हो चुका है।

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश पंत ने बताया कि वन विकास निगम में वेतन निर्धारण पर विशेष आडिट कराया गया। ऑडिट में कर्मचारियों को अधिक भुगतान दिखाकर 2000 कर्मचारियों का वेतन आधा कर दिया गया। मुख्य सचिव की ओर से इस मसले पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। एक बार शासनादेश होने पर वेतन बहाल भी किया गया, लेकिन अब दोबारा कटौती शुरू हो गई है।


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