एक पीड़ित ने बताया जब वह अपनी बेटी की इलाज के लिए पैसा निकालने आया तब उसे इस गड़बड़ी का पता चला. उसने बताया कि उसके खाते में जमा 10 लाख रुपये कहां गए, उसे नहीं मालूम. लाचार पिता ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. वहीं एक व्यक्ति के खाते से 88 लाख रुपए का गबन और एक व्यक्ति के खाते से 1 करोड़ से ज्यादा की रकम गायब हुई है.
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
100 करोड़ रुपये से ज्यादा का हुआ गबन
बताया जा रहा है कि साल 2025 अप्रैल महीने से गबन की शुरुआत हुई थी. बैंक के खाता धारकों का कहना है कि बैंककर्मियों ने चालाकी से पहले मैसेज अलर्ट हटाए फिर गबन को अंजाम दिया. खाता धारकों का कहना है कि 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का गबन हुआ है. पुलिस का कहना शुरुआती जांच में 12 करोड़ रुपए के गबन की बात सामने आई है. लगातार मिल रही शिकायतों को मुकदमे में जोड़ा कर जांच की जा रही है.
35 करोड़ रुपये का हुआ है गबन
कई खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि विवादित लेन-देन होने से पहले ही बैंक कर्मचारियों ने SMS अलर्ट बंद कर दिए थे, जिससे ग्राहकों को कोई सूचना नहीं मिल पाई. ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों के बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट से लगभग 35 करोड़ रुपये गायब हो गए हैं. कई खाताधारकों का दावा है कि उनकी अनुमति के बिना पैसे ट्रांसफर कर दिए गए और उन्हें लेन-देन का कोई अलर्ट भी नहीं मिला. इस इलाके से हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिरौंडी, ऐछर और बिरोंडा गांवों के किसानों के लाखों रुपये (कुछ मामलों में तो करोड़ों रुपये) गायब हो गए हैं.
किसानों के मुआवजे के पैसे हुए गायब
एक किसान, विजेंद्र सिंह, जिन्हें अथॉरिटी से मुआवजा मिला था, उसने पत्रकारों को बताया कि उनके बचत खाते में मौजूद रकम काफी कम हो गई है. सिंह के अनुसार, जिस खाते में पहले लगभग 87-88 लाख रुपये थे, उसमें अब केवल 1 लाख रुपये बचे हैं. एक अन्य ग्राहक, हनीफ खान ने बताया कि ऐछर में PNB की Pi-1 शाखा में उनके बचत खाते में 39 लाख रुपये थे. लेकिन अब वह रकम खाते में नहीं दिख रही है. उन्होंने PTI से बातचीत में कहा, “मेरे बचत खाते में 39 लाख रुपये थे, लेकिन अब उसमें कुछ भी नहीं दिख रहा है. मुझे न तो कोई मैसेज मिला और न ही मैंने फंड ट्रांसफर करने के लिए किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.”
लेन-देन का मैसेज तक नहीं मिला
एक और खाताधारक, जाकिर ने आरोप लगाया कि उनके खाते से 9.5 लाख रुपये गायब हो गए हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें लेन-देन के बारे में कोई मैसेज नहीं मिला और उन्हें इस गड़बड़ी का पता तब चला जब वे बैंक गए. बताया जा रहा है कि यह कथित धोखाधड़ी अप्रैल 2025 में शुरू हुई थी.
