उत्तराखंड में दोपहिया वाहन चालकों को अब बाइक या स्कूटी चलाते समय खुद के साथ पीछे बैठने वाली सवारी की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा। प्रदेश में डबल हेलमेट नियम का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है।

अब हाईवे पर बिना हेलमेट चल रहे दोपहिया वाहनों के ऑनलाइन चालान भी काटे जा रहे हैं। नियम के उल्लंघन पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

मोटर वाहन अधिनियम के तहत दोपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति के साथ पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यानी बाइक या स्कूटी पर चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों के लिए हेलमेट जरूरी है। पहले भी यह नियम लागू था, लेकिन अब इसका पालन कराने के लिए निगरानी और चालान की कार्रवाई तेज की जा रही है।

CCTV और ANPR कैमरों से रखी जा रही नजर

परिवहन विभाग हाईवे पर लगे सीसीटीवी और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर रहा है। इन कैमरों में बिना हेलमेट सफर करते हुए दोपहिया वाहन की तस्वीर कैद होने पर वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर चालान जारी किया जा रहा है। चालान वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन भेजा जा रहा है।अपर आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी के मुताबिक, यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। विभाग का उद्देश्य दोपहिया वाहन पर सफर करने वाले चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट जरूरी

सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर पीछे बैठी सवारी के गंभीर रूप से घायल होने के मामले सामने आते हैं। हेलमेट नहीं पहनने पर सिर में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग डबल हेलमेट नियम का सख्ती से पालन कराने पर जोर दे रहा है।देहरादून में ट्रैफिक पुलिस भी बिना हेलमेट वाहन चलाने और पीछे बैठी सवारी के हेलमेट नहीं पहनने पर मैनुअल चालान की कार्रवाई दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, हेलमेट से जुड़े उल्लंघनों के मामले 2025 में 2,835 थे, जो 2026 में बढ़कर 4,943 हो गए।

चालान ऑनलाइन कैसे देखें?

वाहन मालिक परिवहन विभाग के ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन का चालान स्टेटस देख सकते हैं। इसके लिए वाहन नंबर या चालान से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है। चालान गलत होने की स्थिति में पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।ऐसे में उत्तराखंड में बाइक या स्कूटी से सफर करने वालों को घर से निकलने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों ने सही तरीके से हेलमेट पहना हो।