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डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर…

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज…

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल…

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन…

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जनसेवा का पर्याय बने संजय ठुकराल—रुद्रपुर के “108” को जन्मदिन की शुभकामनाएं

रुद्रपुर  जब भी सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं की चर्चा होती है, तो एक नाम स्वतः ही लोगों की…

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अशोक गुलाटी बने पत्रकार प्रेस महासंघ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष

रुद्रपुर/नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुलाटी को पत्रकार प्रेस महासंघ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके इस…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पहले बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि होरमुज की खाड़ी बंद रहेगी। इसका अर्थ है कि किसी भी देश के जहाज को इस खाड़ी से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

गैस की किल्लत: हक़ीक़त, अफवाह या प्रशासनिक विफलता?

संपादकीय,मानव-वन्यजीव संघर्ष, आपदाएँ और पलायन : क्या केवल मुआवजा ही समाधान है?

डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर जो हालात दिखाई दे रहे हैं, वह केवल एक आपूर्ति संकट नहीं बल्कि व्यवस्था की…

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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज होने जा रही है। शिवसेना (उधम सिंह नगर) ने 16 मार्च, सोमवार को सुबह 10…

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के सुंदर संगम का प्रतीक होते…

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14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े बदलाव ला सकती है. साथ ही, मीन राशि में शुक्र…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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CAA लागू होते ही उत्तराखंड में सुरक्षा बढ़ी, इन शहरों में पुलिस चौकस।।,,,,,,, उधम सिंह नगर और नैनीताल में बनेगा फोरलेन, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड में उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग 121 (नया 309) के काशीपुर से रामनगर खंड के उन्नयन के लिए 494.45 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री की स्वीकृति मिलने से उत्तराखंड में उधम सिंह नगर और नैनीताल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 121 (नया 309) के काशीपुर से रामनगर खंड की […]

ऊधम सिंह नगर: ट्रक से टकराई एंबुलेंस, शिक्षिका और बेटे की मौत एनएच 74 पर तेज रफ्तार एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में एंबुलेंस सवार शिक्षिका की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे ने बरेली के अस्पताल में दम तोड़ा। कोकीन संग कोबरा गैंग के तीन और सदस्य गिरफ्तार, एक विदेशी महिला भी गिरोह में शामिल; कई राज्यों में फैला है नेटवर्क शहर में होने वाले तथाकथित बड़े आयोजनों व शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को कोकीन सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय कोबरा गैंग के तीन और सदस्यों को थाना राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।शहर में होने वाले तथाकथित बड़े आयोजनों व शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को कोकीन सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय कोबरा गैंग के तीन और सदस्यों को थाना राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

इस गिरोह के सदस्यों में एक विदेशी महिला समेत निजी स्कूल की पूर्व अध्यापिका और उसका पति शामिल हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। […]

संसदीय क्षेत्र में सक्रियता ने बनाई गोदियाल की राह आसान, कांग्रेस ने जताया भरोसा/कांग्रेस के पैरामीटर पर गुनसोला फिट, ऐसा है राजनीतिक सफर; दी पहली प्रतिक्रियाकांग्रेस के पैरामीटर पर गुनसोला फिट, ऐसा है राजनीतिक सफर; दी पहली प्रतिक्रिया टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस ने मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके जोत सिंह गुनसोला पर विश्वास जताया है। वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस के पैरामीटर पर वह फिट बैठे हैं।टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस ने मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके जोत सिंह गुनसोला पर विश्वास जताया है। वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस के पैरामीटर पर वह फिट बैठे हैं।

गढ़वाल संसदीय क्षेत्र में लगातार सक्रियता, क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मुखर रहना और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का करीबी होना गणेश गोदियाल के पक्ष में गया। कांग्रेस ने गढ़वाल संसदीय […]

भाजपा से जुड़ते लोगों की श्रृंखला तीसरी बार मोदी सरकार की गारंटी : महेंद्र भट्ट/उत्तराखंड: कांग्रेस ने CAA की टाइमिंग पर उठाए सवाल, बीजेपी सरकार से पूछ लिया ये सवालउत्तराखंड: कांग्रेस ने CAA की टाइमिंग पर उठाए सवाल, बीजेपी सरकार से पूछ लिया ये सवालl

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों की चिंता करते हैं, हमें अब उनके लिए करना है’ के संकल्प के साथ भाजपा ने कांग्रेस, आप समेत अन्य पार्टियों के पदाधिकारियों एवं […]

पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच की आज की बैठक मुद्दे( एजेंडे )से हटकर होने पर संरक्षक हुकम सिंह कुंवर ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा, पूर्व मैं तय आजीवन सदस्यों, संस्थापक सदस्यों ,कार्यकारणी सदस्य,वर्तमान व पूर्व पाधिकारियों को आमंत्रित करने की बात तय थीl

कुंवर ने कहा 1982 मैं मंच की भूमि के लिए जेल गया था ,मुझे पद से एक तरफा पद मुक्त कर मेरा अपमान किया है,फिर भी मैं मंच को समर्थन […]

बाजपुर, 12 मार्च मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद के अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान बाजपुर इण्टर कॉलेज में आयोजित लाभार्थी सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

कार्यक्रम में आने से पूर्व माननीय मुख्यमंत्री श्री धामी जी ने बाजपुर तहसील कार्यालय बाजपुर से इण्टर कॉलेज बाजपुर तक रोड शो किया। रोड शो के दौरान जगह-जगह पर विभिन्न […]

उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश से गुजरने वाला 21 किमी. लंबा रुद्रपुर बाईपास का निर्माण 1052 करोड़ की लागत से किया जाएगा। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाईपास निर्माण योजना का शिलान्यास कर उतराखंड को सौगात दी है।।उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से गुजरेगा 21 किमी. लंबा रुद्रपुर बाईपास, 1052 करोड़ से होगा निर्माण/हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंट मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सड़क […]

हरक सिंह ने CJI को लिखा पत्र, पेड़ तो दूर एक टहनी काटना भी साबित हुआ तो सजा भुगतने को तैयारहरक सिंह ने CJI को लिखा पत्र, पेड़ तो दूर एक टहनी काटना भी साबित हुआ तो सजा भुगतने को तैयारपूर्व वन मंत्री डा.हरक सिंह रावत ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीन को पत्र लिखकर कहा है कि पाखरो टाईगर सफारी में छह हजार पेड तो दूर एक टहनी कटना भी साबित हुआ तो कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं।

पूर्व वन मंत्री ने कहा, इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने उस समय टिप्पणी की है जब लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। जिससे प्रदेश और देश में उनकी […]

‘उत्तराखंड में रहने वाले शरणार्थियों को भी मिलेगी राहत’, महेंद्र भट्ट बोले- भाजपा ने एक और वादा पूरा किया/Uttarakhand Cabinet: सेवा क्षेत्र में निवेश करने वालों को 100 करोड़ तक सब्सिडी, उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति को स्वीकृति / सेवा क्षेत्र में निवेश करने वालों को 100 करोड़ तक सब्सिडी, उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति को स्वीकृति

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने […]

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् देहरादून के तत्वाधान में 38वें राष्ट्रीय खेल सम्मेलन को बढावा देने हेतु बौर जलाशय गूलरभोज में दिनांक-11 मार्च, 2024 (सोमवार) को मा0 विधायक गदरपुर श्री अरविन्द पाण्डेय जी ने जिला पर्यटन विकास कार्यालय उधमसिंह नगर द्वारा आयोजित वाटर स्पोटर््स (कयाकिंग,कनोइंग) 10 दिवसीय साहसिक खेल प्रशिक्षण का आयोजन किया। मा0 विधायक जी द्वारा हरी झण्डी दिखाकर प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया। उन्होने समस्त प्रशिक्षण में आये प्रतिभागियों को अच्छे से अनुशासन में रहकर व मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने को कहा। उन्होने सभी प्रशिक्षण में आये हुए प्रतिभागियों से कहा कि मेरे लिए सबसे बड़ा खुशी की मौका उस दिन होगा जिस दिन आप सभी बच्चे गोल्ड मेडल लाओगे और इस जनपद का ही नही वरन् पूरे देश का भी नाम रोशन करोगे। उन्होने कहा आगामी सितम्बर/अक्टूबर माह में बौर जलाशय गूलरभोज में प्रस्तावित वाटर स्पोर्ट्स के दृष्टिगत दिनांक-11 मार्च, से 20 मार्च, 2024 तक चल रहे 10 दिवसीय कयाकिंग/कनोइंग शिविर का जो आयोजन किया जा रहा है इससे बच्चों का वाटर स्पोर्ट्स के प्रति रूझान बढ़ेगा और इससे पर्यटन व रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। श्री पाण्डेय जी ने प्रशिक्षण में आये हुए सभी प्रतिभागियों व वाटर स्पोर्ट्स के कोचों से मिले व उन्हे प्रशिक्षण हेतु शुभकामनाएं दी।जनपद के जिला पर्यटन विकास अधिकारी/जिला साहसिक खेल अधिकारी श्रीमती लता बिष्ट द्वारा वाटर स्पोटर््स (कयाकिंग,कनोइंग) 10 दिवसीय साहसिक खेल प्रशिक्षण के आयोजन में आये प्रतिभागीयों व कोचों को प्रशिक्षण हेतु शुभकामनाएं व जानकारी दी। उन्होने बताया जिसमें 40 युवाओं द्वारा सहभागिता की गयी है। उन्होने साहसिक खेलों की आवश्यकता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जिसमें वाटरस्पोर्टस की विधांए, कयाकिंग तथा कनोइंग के तकनीकी उपकरणों की जानकारी, एडवेन्चर स्पोर्टस की विधांए, उपकरणों की जानकारी, स्वीमिंग के प्रकार, वाटर सेफ्टी एण्ड रेस्क्यू, कयाक/कनो कैरिंइग एण्ड लाँचिंग, कयाक पैडल/कनो पैडल की जानकारी एवं उपयोग की तकनीक, प्रतियोगिताओं के नियम एवं निर्देश, कैम्प हाइजीन/पर्सनल हाईजीन, पर्यावरणीय स्वच्छता/कूड़े-करकट का समुचित निस्तारण, तकनीकी उपकरणों का रख-रखाव एवं उपयोग की विधि, लिखित/मौखिक/प्रैक्टीकल परीक्षा के आधार पर प्रमाण पत्र में ग्रेड का निर्धारण के विषय में आवश्यक जानकारी दी। उन्होने बताया पर्यावरणीय स्वच्छता/कूड़े-करकट का समुचित निस्तराण भी हमारा उत्तरदायित्व है, जिससे कि पर्यावरण व पर्यटन सुरक्षित रहेगा।इस अवसर पर चेयरमेन नगर पंचायत दिनेशपुर, सीमा सरकार, श्री मुकेश शर्मा सब इंसपेक्टर उ0पुलिस, ओनर रिजार्ट पंकज, कोच मुकेश शर्मा, भूपेन्द्र कोरंगा, अमित कुमार, दिनेश सिंह रावत नाव संचालक जिला आदि उपस्थित थे।

जिला पर्यटन विकास अधिकारीऊधमसिंह नगर।