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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल…

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन…

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

रुद्रपुर शहर का इतिहास जितना विकास की कहानियों से जुड़ा है, उतना ही वह नजूल…

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

रुद्रपुर, 13 मार्च।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा संचालित ‘महिला…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव, आम नागरिकों की मौत और सिटीजन इंफ्रास्ट्रक्चर को…

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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पहले बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि होरमुज की खाड़ी बंद रहेगी। इसका अर्थ है कि किसी भी देश के जहाज को इस खाड़ी से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे मध्य पूर्व में अपने सभी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद करना…

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गैस की किल्लत: हक़ीक़त, अफवाह या प्रशासनिक विफलता?

संपादकीय,मानव-वन्यजीव संघर्ष, आपदाएँ और पलायन : क्या केवल मुआवजा ही समाधान है?

Chaitra Navratri 2026 Lucky Zodiac Signs: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं और घरों में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

मेष राशि नए अवसर दस्तक दे सकते हैं। सीनियर्स के साथ विचारों का आदान-प्रदान फायदेमंद रहेगा। पार्टनर के साथ कुछ अनबन हो सकती है, धैर्य रखें और बातों को तूल न दें।आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचें।

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के सुंदर संगम का प्रतीक होते…

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14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े बदलाव ला सकती है. साथ ही, मीन राशि में शुक्र…

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नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

रुद्रपुर शहर का इतिहास जितना विकास की कहानियों से जुड़ा है, उतना ही वह नजूल भूमि पर बसे हजारों परिवारों के संघर्ष से भी जुड़ा हुआ है। दशकों से रुद्रपुर…

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महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

रुद्रपुर, 13 मार्च।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा संचालित ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत जनपद उधम सिंह नगर में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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BJP ने उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से तीन पर उम्मीदवार रिपीट कर दिए हैं। किसी भी तरह का प्रयोग करने से बचते हुए पार्टी की चुनाव समिति ने टिहरी लोकसभा सीट से सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ से अजय टम्टा और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से अजय भट्ट को प्रत्याशी घोषित किया है।भाजपा ने उत्तराखंड में तीन सीटों पर किए प्रत्याशी रिपीट, दो पर हो सकता है प्रयोग

   सीएम धामी ने ट्वीट कर लिखा कि ‘लोकसभा चुनाव 2024 के दृष्टिगत उत्तराखंड की तीन लोकसभा सीटों अल्मोड़ा, नैनीताल एवं टिहरी से अजय टम्टा, अजय भट्ट एवं माला राज्य […]

जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने चिन्हित वैंडिंग जोन और ट्रचिंग ग्राउड की स्थलीय निरीक्षण कियावेडिंग जोन में राम मनोहर लोहिया मार्केट सेरूद्रपुर – जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार व नगर आयुक्त नरेश चन्द्र दुर्गापाल के साथ कैनाल कालानी के पास चिन्हित वैंडिंग जोन का स्थलीय निरीक्षण किया व कैनाल कॉलोनी व यूपीसीएल के बीच नाले को सड़क तक कवर करने के निर्देश मौके पर दिये साथ ही कहा कि कैनाल कॉलोनी व यूपीसीएल के तरफ से पानी को इसी नाले डाला जिसपर नगर आयुक्त ने बताया कि दोनो तरफ के पानी को नाले में डालने के लिये 14 होल रखे गये है ताकि कूड़ा फसने पर सफाई भी की जा सकें। जिलाधिकारी ने वैंडिंग जोन के अन्तिम छोर पर दोनो ओर महिला व पुरूष शौचालय भी बनाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि वैंडिंग जोन में हाइवे से हटाये गये गरीब ठेला, रेड़ी वालो को प्राथमिकता से जगह दी जायेगी ताकि उनका रोजगार संचालित हो सकें। नगर आयुक्त ने बताया कि दो सौ मीटर वैंडिंग जोन 10 से 18 मीटर तक की चौड़ाई है जिसके दोनो ओर दीवारें बनाकर मिट्टी भरान किया गया है, शीघ्र ही सुन्दर टाइलिंग की जायेगी व 9ग11 फिट की कियोस्क की लगभग 130 दुकानें बनायी जायेगीं व रेड़ी, ठेली के लिये भी जगह दी जायेगी साथ ही पार्किगं व बैठने हेतु कुर्सियां भी लगायी जायेगीं। उन्होने बताया कि वैंडिंग जोन हेतु एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है यदि और अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी तो नगर निगम अपने संसाधनों से लगायेगा। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने किच्छा रोड में ट्रचिंग ग्राउड की स्थलीय निरीक्षण किया। ट्रचिंग ग्राउड में हौराइजन सोलुशन कम्पनी जबलपुर द्वारा तीन ट्रोमल मशीनों से सालेडवेस्ट (कूड़ा) का सेग्रीगेशन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मार्च से पूर्व सभी कूड़े को सैग्रीगेट करने के निर्देश मौके पर दिये जिसपर हौराइजन सोलुशन कम्पनी के प्रबन्धक ने बताया कि आगामी 15 मार्च तक पुराने सभी कूड़े को सैग्रीगेट कर दिया जायेगा। जिलाधिकारी ने मौके पर नगर आयुक्त को निर्देश दिये कि वे सैग्रीगेशन से बने मिट्टी को उद्यान व कृषि विभाग के वार्ता कर मिट्टी की जांच कराये व मिट्टी का क्या उपयोग हो सकता है यह भी पता कर लें। साथ ही उन्होने कहा कि जब ट्रचिंग ग्राउंड पुरी तरह खाली हो जायेगा तो यहा पर प्लांटेशन, सौन्दर्यकरण कर विकसित कर कांमर्शियल यूज के लिये तैयार किया जायेगा व सालेटवेस्ट हेतु नई साईड चिन्हित कर वहा पर प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जायेगा।

जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने चिन्हित वैंडिंग जोन और ट्रचिंग ग्राउड की स्थलीय निरीक्षण कियावेडिंग जोन में राम मनोहर लोहिया मार्केट सेरूद्रपुर – जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी मनीष […]

रुद्रपुर देहरादून उत्तराखंड समान नागरिक संहिता विधेयक (यूसीसी) को मंजूरी मिलने के बाद दून कलक्ट्रेट स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय का नजारा बदल गया है। जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ के साथ-साथ नवविवाहित जोड़े भी बड़ी संख्या में सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने लगे हैं.उत्तराखंड में यूसीसी की मंजूरी के बाद बढ़ी विवाह पंजीकरण की रफ्तार

विधानसभा में यूसीसी बिल पारित होने के बाद से विवाह पंजीकरण के आंकड़ों में 30 प्रतिशत का उछाल आया है। उप-रजिस्ट्रार कार्यालयों में विवाह पंजीकरण के लिए बेहतर व्यवस्था की […]

सिंह और कन्या समेत इन 6 राशि वालों को आज खूब होगा धन लाभ, जानें अपनी राशि का हाल राशिफल के माध्यम से आप आने वाले भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अनुमान लगा सकते हैं. ज्योतिषाचार्य  के अनुसार आज चंद्रमा ग्रह तुला राशि में सुबह 08:17 तक विराजमान रहेंगे.

इसके बाद वे वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे. वहीं, गुरु ग्रह मेष राशि में रहेंगे. केतु ग्रह कन्या राशि में, शु्क्र व मंगल ग्रह मकर राशि में, शनि व […]

रुद्रपुर शुक्रवार को उत्तराखंड व हिमाचल के ऊंचे इलाकों में सुबह से बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। इससे दोनों प्रदेशों में ठंड ने फिर दस्तक दे दी है। हिमाचल में चार नेशनल हाईवे समेत 241 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बंद हो गए हैं।ऑरेंज अलर्ट के बीच उत्तराखंड और हिमाचल की चोटियों पर भारी बर्फबारी, मैदानों में बारिशमार्च के महीने में जनवरी जैसा मौसम…आज भी भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मार्च के महीने में जनवरी जैसा मौसम हो रहा है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने […]

उत्तराखण्ड लोस के पहले चरण के बाद होंगे नगर निकायों के चुनाव, विशेष अनुमति लेगी धामी सरकार नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों का चुनाव लोकसभा चुनाव के पहले चरण के बाद ही होगा। हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरकार को दो जून तक सभी निकायों में नया बोर्ड बनवाना है, जिसके लिए लोकसभा चुनाव के दौरान ही चुनाव कराना होगा।

वहीं, निकायों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए सरकार नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम में संशोधन का विधेयक लाने की तैयारी में है। प्रदेश में 97 नगर निकायों […]

उत्तराखंड की पांच में से तीन लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। तीनों सीटों पर उम्मीदवार रिपीट हो सकते हैं। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पांचों सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को लेकर एक दौर का मंथन हो चुका है।पांच में से तीन लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी तय, दो सीटों पर बना है सस्पेंस, जल्द होगी घोषणा

अन्य लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों पर अभी सस्पेंस बना है। माना जा रहा कि पार्टी एक-दो दिन में प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। सूत्रों के मुताबिक, […]

उत्तराखंड देश लोकसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। आने वाले कुछ दिनों में कभी भी चुनाव कार्यक्रम घोषित हो सकता है। इस छोटे से राज्य में यूं तो महज पांच लोकसभा सीटें हैं, लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से उत्तराखंड खासा महत्वपूर्ण है।पांच लोकसभा सीटों वाला उत्तराखंड राजनीतिक दृष्टि से क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण, चुनाव से पहले जान लें इस राज्य के सियासी समीकरण

अगर अलग राज्य बनने के बाद से अब तक 23 वर्षों की बात करें तो अमूमन भाजपा और कांग्रेस, ये दो पार्टियां ही चुनावी मुकाबले में आमने-सामने रहती आई हैं। […]

मिनी गोल्फ एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड के तत्वाधान में सात दिवसीय सीनियर मिनी गोल्फ महिला एवम पुरुष कैंप का समापन राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर के मिनी गोल्फ कोर्स में किया गया। उत्तराखंड मिनिगोल्फ सिनियर महिला एवम पुरुष वर्ग की टीम 9वी सीनियर राष्ट्रीय मिनिगोल्फ खेल प्रतियोगिता  दिनाक 03 मार्च से 06 मार्च 2024 को नागपुर महाराष्ट्र में आयोजित कि जा रही है उस में प्रतिभाग करने जा रही है। इस टीम में 12 महिला एवम 12 पुरुष वर्ग के खिलाड़ी प्रतिभाग करने आज प्रातः दिनांक 1 मार्च को रुद्रपुर से रवाना हो रहे है। समापन सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व महासचिव इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन एवम महासचिव फैंसिंग एसोसिएशन राजीव मेहता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में महासचिव उत्तरांचल ओलंपिक एसोसिएशन डॉ. डीके सिंह रहे। समापन सत्र के कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई उक्त अवसर डॉ. नागेंद्र शर्मा ने बताया की पूर्व में भी मिनिगोल्फ एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की टीम के खिलाड़िओ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर प्रतिगोताओ में महिला वर्ग में प्रथम एवम पुरुष वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया है, एवम 37 वे राष्ट्रीय खेलों गोवा में उत्तराखंड की टीम द्वारा एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक पदक अर्जित किए है, इस प्रतियोगिता में भी खिलाड़ीयो द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जायेगा। उक्त अवसर पर आयोजक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.सी पंत डॉ. राजेश कुमार, लोकेश पांडेय, श्रीमती जया पांडेय, अंकुश रौतेला, आदि उपस्थित रहे। उत्तराखंड टीम में महिला वर्ग में प्रगति,दिया महर , स्वेता भाकुनी,दिया उप्रेती,सुषमा मेहरा, वैशाली पांडे, भावना पांडेय, कंचन रौतेला,अंजलि गंगवार, कशिश शर्मा, मनजोत, कामिनी तथा पुरुष वर्ग टीम में योगेश पांडे, मयंक सुंदरियाल ,सुनील कुमार ,पवन सिंह बिष्ट, सुमित मेहता,चेतन भट्ट ,दीपक अधिकारी,तुषार भंडारी ,मनदीप सिंह, अभय बिष्ट, संजय भट्ट, तेजस्वी कुमार शामिल किए गए हैं जबकि टीम मैनेजर श्री अंकुश रौतेला और श्रीमती जया पांडे एवम श्रीमती लक्ष्मी को बनाया गया है।

  शिव-पार्वती के मिलन का महापर्व है महाशिवरात्रि, क्यों प्रिय हैं शिवजी को जल और बेलपत्रशिव-पार्वती के मिलन का महापर्व है महाशिवरात्रि, क्यों प्रिय हैं शिवजी को जल और बेलपत्र8 मार्च को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद 2024: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक माह में मासिक शिवरात्रि तो आती ही है और महाशिवरात्रि साल में एक बार ही आती है. जो लोग प्रत्येक सप्ताह में आने वाले सोमवार, हर महीने में दो बार आने वाले प्रदोष में भी भगवान की पूजा किन्हीं कारणों से नहीं कर पाते हैं, तो उनके लिए महाशिवरात्रि का पर्व है.

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी के दिन होने वाली महाशिवरात्रि जो इस बार 8 मार्च को होगी, देवों के देव महादेव की पूजा कर उनकी कृपा पायी जा […]