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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज…

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल…

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन…

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

रुद्रपुर शहर का इतिहास जितना विकास की कहानियों से जुड़ा है, उतना ही वह नजूल…

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अशोक गुलाटी बने पत्रकार प्रेस महासंघ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष

रुद्रपुर/नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुलाटी को पत्रकार प्रेस महासंघ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके इस…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव, आम नागरिकों की मौत और सिटीजन इंफ्रास्ट्रक्चर को…

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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पहले बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि होरमुज की खाड़ी बंद रहेगी। इसका अर्थ है कि किसी भी देश के जहाज को इस खाड़ी से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

गैस की किल्लत: हक़ीक़त, अफवाह या प्रशासनिक विफलता?

संपादकीय,मानव-वन्यजीव संघर्ष, आपदाएँ और पलायन : क्या केवल मुआवजा ही समाधान है?

Chaitra Navratri 2026 Lucky Zodiac Signs: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं और घरों में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज होने जा रही है। शिवसेना (उधम सिंह नगर) ने 16 मार्च, सोमवार को सुबह 10…

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के सुंदर संगम का प्रतीक होते…

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14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े बदलाव ला सकती है. साथ ही, मीन राशि में शुक्र…

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नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

रुद्रपुर शहर का इतिहास जितना विकास की कहानियों से जुड़ा है, उतना ही वह नजूल भूमि पर बसे हजारों परिवारों के संघर्ष से भी जुड़ा हुआ है। दशकों से रुद्रपुर…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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देहरादून।हल्द्वानी हिंसा मामले की होगी जांचसरकार ने मजिस्ट्रेट जाँच कराने का लिया फैसला “आदेश जारी”

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दिए जाँच के आदेश”कमिश्नर कुमाऊँ दीपक रावत को। बनाया गया जाँच अधिकारी। 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के दिए गए निर्देश।

 हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को  अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।

पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला हल्द्वानी में मोर्चा भड़की हिंसा के बाद पैरामिलिट्री फोर्स ने हल्द्वानी में मोर्चा संभाला लिया है। छह जिलों से भारी फोर्स मंगाई गई है। वहीं पुलिस […]

हल्द्वानी के समस्त प्रकार के विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक संचालित ( राज0, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आंगनबाड़ी केंद्र सहित) कल दिनांक 9 फरवरी 2024 को सुरक्षात्मक कारणों से अनिवार्य रूप से बंद रहेंगे ।समस्त प्रकार के विद्यालय उपरोक्त निर्देश का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करेंगे। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत मलिक के बगीचे में अवैध मदरसे को ध्वस्त करने को लेकर जमकर बवाल हो गया। अराजक तत्वों ने पथराव के बाद पुलिस की कई गाड़ियों को आग लगा दी और वनभूलपूरा थाने को फूंकने का प्रयास किया गया। इससे पूर्व वहां मौजूद मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन, नगर निगम की टीम और लोगों पर जमकर भारी पथराव किया। जिसमें कई लोग चोटिल हो गए।

खबर है कि इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हुए हैं। अराजक तत्वों की कार्रवाई के खिलाफ पुलिस द्वारा बलपूर्वक कार्यवाही करते हुए आंसू गैस छोड़ी गई। […]

आज दिनांक 6/ 2/ 2024 को खटीमा क्षेत्र के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी कैप्टन शेर सिंह दिगारी की अध्यक्षता में क्षेत्र के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक उनके आवास में संपन्न हुई । जिसका संचालन प्रदेश महामंत्री भगवान जोशी ने किया । बैठक में धामी सरकार द्वारा प्रदेश में ucc लागू करने के निर्णय का स्वागत किया गया तथा चालू सत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण को विशेष सत्र में पास करने के निर्णय का भी स्वागत किया गया ।बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में धामी सरकार के सभी जनहित के फैसलों पर खुशी जाहिर की तथा उन्हें एक एक्शन टेकन मुख्यमंत्री बताया गया। समस्त उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि उनके द्वारा गत दिवस 1 सितंबर खटीमा , 2 सितंबर मसूरी, 2 अक्टूबर मुजफ्फरनगर (रामपुर तिराहे) के शहीद मंचों से आंदोलनकारियों के पक्ष में की गई समान पेंशन की घोषणा तथा वंचितों के चिन्हिकरण की घोषणा को अमल में लाने का आग्रह किया तथा उम्मीद जताई कि भाजपा सरकार उनकी उपरोक्त लंबित मांगों पर लोकसभा चुनाव से पूर्व ही निर्णायक फैसला लेगी।मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक निर्णय ucc तथा राज्य आंदोलनकारियों के संदर्भ में लिए जा रहे जनहित के फैसले पर खटीमा गोली कांड के याचिकाकर्ता मोहनचंद, एडवोकेट गोपाल सिंह बिष्ट, प्रकाश तिवारी , सुरेश बिष्ट, भैरव दत्त पांडे , सुरेश चंद्र , आलोक गोयल , सर्वेश पाठक, मनोज ओली , हीरा राजपूत , प्रकाश चंद्र, उमेद सिंह, बहादुर रावत, विशन नाथ सहित अनेक लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए निर्णय का तहे दिल से स्वागत किया है ।

आज दिनांक 6/ 2/ 2024 को खटीमा क्षेत्र के प्रमुख राज्य आंदोलनकारी कैप्टन शेर सिंह दिगारी की अध्यक्षता में क्षेत्र के चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक उनके आवास में […]

ज्ञानवापी के बाद बागपत में हिंदुओं की बड़ी जीत; मिला महाभारत कालीन लाक्षागृह, 53 साल बाद आया फैसलाउत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी स्थित व्यास जी तहखाना के बाद अब बागपत के एक केस में हिंदू पक्ष को बड़ी जीत मिली है। मामला करीब 53 साल पुराना बताया जा रहा है, जिसमें बागपत की अदालत ने आज फैसला सुनाया है।

बागपत के लाक्षागृह का मुद्दा पहली सिविल डिविजन कोर्ट में चल रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों को देखने के बाद अपना फैसला दिया है। कोर्ट […]

05.02.2024नि:शुल्क आंखों के कैंप में 100 से अधिक लोगों की आंखों का किया गया चेकअप।रुड़की, अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्राचीन शिव मंदिर ढंडेरा में निशुल्क आंखों का चेकअप एवं ऑपरेशन का कैंप सतीश नेगी समाज सेवी व राम सिंह मंदिर समिति अध्यक्ष के सौजन्य से प्राचीन शिव मंदिर ढंडेरा में लगाया। आइक्यू सुपर स्पेशलिटी आंखों के अस्पताल चंद्रपुरी के डा0 काजल और अरविंद शर्मा की देखरेख में किया गया जिसमे समाजसेवी सतीश नेगी व राम सिंह मंदिर समिति ढंडेरा अध्यक्ष ने अहम भूमिका निभाई जिसमें लगभग 100 लोगों की आंखों का चेकअप किया गया। इस अवसर पर डॉक्टर एवं सतीश नेगी व राम सिंह आदि ने बताया की सभी लोगों को अपनी आंखों के प्रति बड़ी संवेदनशीलता वरतनी चाहिए। बिना आंखों के जीवन अंधकार मय है। सामान्य तया देखा गया है कि लोग अपनी आंखों के प्रति सजग एवं जागरूक नहीं रहते हैं जिससे आंखों की बीमारियां बढ़ती रहती हैं और कभी-कभी खतरनाक रूप ले लेती हैं जिसे रोशनी जाने का खतरा रहता है, इसलिए समय-समय पर अपनी आंखों का चेकअप कराते रहना चाहिए।हमारा प्रयास यह है की हर व्यक्ति की आंखें सुरक्षित रहें इसके लिए हम हमारी संस्था तथा सामाजिक जन सेवकों द्वारा जगह-जगह कैंप लगाए जाएंगे और स्वस्थ आंखों की प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सतीश नेगी, मंदिर समिति ढंडेरा अध्यक्ष राम सिंह , इंदर सिंह पुंडीर, पंडित कलित कोठारी, जगदीश खड़ायत,आचार्य उमाकांत बडोला आदि उपस्थित थे।

नेपाल में की जायेगी विश्व की सबसे बड़ी साहित्यिक डायरेक्टरी प्रकाशन

लुंबिनी, फरवरी 6 ।विश्व में पहली बार एक कालजयी डायरेक्ट्री प्रकाशन की जा रही है। हिंदी,भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के विकास सरंक्षण तथा संवर्द्धन प्रचार प्रसार के लिए विश्व […]

आज नवोदय विद्यालय रूद्रपुर स्थित प्रांगण में पुस्तक महाकुम्भ आयोजन समिति द्वारा आयोजित प्रथम रुद्रपुर पुस्तक महाकुंभ के दूसरे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा व पर्यटन राज्यमंत्री, रुद्रपुर विद्यायक शिव अरोरा व उत्तराखंड श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथियों को श्रीभागवत गीता की पुस्तक भेंट की गई। एवं केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रतियोगी बच्चो को पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया।पुस्तक महाकुम्भ डा नुक्कड़ नाटक, स्थानीय युवा लेखकों की पुस्तकों का विमोचन एवं प्रोत्साहन, विभिन्न छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन् एवं करियर काउंसलिंग, मोटिवेशनल लेक्चरर्स का आयोजन भी किया गया। टॉक विद अचीवर्स कार्यक्रम मे प्रांतीय सिविल सेवा के हिमांशु कफलटिया, गौरव पाण्डेय व शिप्रा जोशी द्वारा स्कूली बच्चो से संवाद किया गया। कवि सम्मेलन मे डा. मधुकर भट्ट, जगदीश पंत कुमुद, प्रो. सुभाष वर्मा, डा. बिंदिया राय, श्रीमती आशा शैली, उमाशंकर साहिल, डा. सबाहत हुसैन खान आदि कवियों ने प्रतिभाग किया। तथा कस्तूरी लाल तागरा जी द्वारा कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की गई।

इस कार्यक्रम डा.शिवेंद्र कुमार कश्यप जी, गजेंद्र सिंह संधू जी, राज्यमंत्री उत्तम दत्ता, नरेन्द्र जी,विकास शर्मा जी,विवेक सक्सेना,जे.बी.सिंह, प्रो. कुंदन सिंह राठौर जी,सुभाष वर्मा जी, आयोजन समिति के अध्यक्ष किशोर […]

पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कवायद शुरू हो गई है। यदि यह योजना परवान चढ़ी तो उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम (टीडीसी) की 4.62 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा।

टीडीसी ने अपनी परिसंपत्तियों का आकलन कर 96 करोड़ रुपये मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेजा है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित ले-आउट प्लान के तहत एयरपोर्ट के पास मौजूदा […]

रुद्रपुर नए शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए कक्षा एक और दो की पाठ्य पुस्तकों के नाम और पाठ्यक्रम बदलेंगे। पाठ्य पुस्तक रिमझिम के स्थान पर सारंगी, मेरीगोल्ड के स्थान पर मृदंग पढ़ी जाएगी।गणित का जादू का स्थान आनंदमय गणित लेगा। मैथ मैजिक के बजाय अब बच्चे जॉयफुल मैथमेटिक्स किताब पढ़ेंगे।

गणित का जादू का स्थान आनंदमय गणित लेगा। मैथ मैजिक के बजाय अब बच्चे जॉयफुल मैथमेटिक्स किताब पढ़ेंगे। एनसीईआरटी की ओर से कक्षा एक और दो की हिंदी, अंग्रेजी, गणित […]