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गदरपुर का निर्णायक मोड़ — पांडे बनाम महाजन की जंग में बंगाली मतदाता बनेंगे सत्ता की कुंजी(विशेष संपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

संसद विशेष सत्र शुरू होते ही नारी शक्ति वंदन विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव देश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। तीन दिनों के इस सत्र में केंद्र सरकार जिन विधेयकों को आगे बढ़ा रही है, वे केवल कानूनी बदलाव नहीं बल्कि भारत की राजनीतिक संरचना को प्रभावित करने वाले बड़े फैसले माने जा रहे हैं।

इसमें कोई दोराय नहीं कि संसद में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी समय की जरूरत हो सकती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसमें बदलाव हो सकते हैं। मगर इस वर्ष परिसीमन की कवायद को लेकर कई सवाल उभरते दिख रहे हैं।

17 April 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

देश

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कालाढूंगी में यूकेडी का जोरदार प्रदर्शन, जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कालाढूंगी। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आज कालाढूंगी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को…

“उत्तराखण्ड की महिलाएँ” — 351 नारी शक्तियों के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज! उत्तराखण्ड की महिलाओं पर पुस्तक में आंदोलनकारी नारी शक्ति की उपेक्षा क्यों?

रुद्रपुर/देहरादून, 17 अप्रैल 2026।हिमालय की गोद में बसे उत्तराखण्ड की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता…

HKP का क्षेत्र भ्रमण तेज, “राजनीतिक अतिक्रमण खत्म करने” का दावा

पौड़ी गढ़वाल। हिमालय क्रांति पार्टी (HKP) ने अब जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए…

सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान के निर्देश

रुद्रपुर, 17 अप्रैल 2026।प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों…

दुनिया

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इसमें कोई दोराय नहीं कि संसद में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी समय की जरूरत हो सकती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसमें बदलाव हो सकते हैं। मगर इस वर्ष परिसीमन की कवायद को लेकर कई सवाल उभरते दिख रहे हैं।

17 April 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सभी को ज्ञात है। हम बचपन से कान्हा की लीलाओं के बारे में सुनते आ रहे हैं। जिस दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, उसी दिन गोकुल में यशोदा और नंद के घर योगमाया नाम की एक कन्या भी जन्मी थी।

देहरादून। एसटीएफ उत्तराखंड ने म्यूल खातों पर प्रहार करते हुए 15 खातों को चिह्नित किया है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

Express News

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इसमें कोई दोराय नहीं कि संसद में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी समय की जरूरत हो सकती है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसमें बदलाव हो सकते हैं। मगर इस वर्ष परिसीमन की कवायद को लेकर कई सवाल उभरते दिख रहे हैं।

खासतौर पर दक्षिण भारत के राज्यों की ओर से यह आशंका जताई जा रही है कि परिसीमन के ताजा प्रस्ताव…

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17 April 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

क्या आपको शानदार परिणाम मिलेंगे या दिन मिलाजुला रहेगा अथवा करना होगा चुनौतियों का सामना। इसमें सभी 12 राशियों (मेष,…

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भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सभी को ज्ञात है। हम बचपन से कान्हा की लीलाओं के बारे में सुनते आ रहे हैं। जिस दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, उसी दिन गोकुल में यशोदा और नंद के घर योगमाया नाम की एक कन्या भी जन्मी थी।

देहरादून। एसटीएफ उत्तराखंड ने म्यूल खातों पर प्रहार करते हुए 15 खातों को चिह्नित किया है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की ऊंची पहाड़ियों के बीच एक ऐसी झील है, जिसके बारे में जितना सुनो, उतना कम लगता है. यह है 2455 मीटर की ऊंचाई पर बसा नचिकेता ताल, जो दिन में शांत दिखता है.

भारत और इजरायल की दोस्ती ऐसी है कि जब बात आतंकवाद के खात्मे की आती है तो दोनों का मिजाज एक जैसा ‘खूंखार’ हो जाता है. भारत तो दशकों से पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों से लोहा ले रहा है, इजरायल भी इस लड़ाई में साथ देने का ऑफर दे चुका है.

कालाढूंगी में यूकेडी का जोरदार प्रदर्शन, जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कालाढूंगी। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आज कालाढूंगी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया…

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“उत्तराखण्ड की महिलाएँ” — 351 नारी शक्तियों के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज! उत्तराखण्ड की महिलाओं पर पुस्तक में आंदोलनकारी नारी शक्ति की उपेक्षा क्यों?

रुद्रपुर/देहरादून, 17 अप्रैल 2026।हिमालय की गोद में बसे उत्तराखण्ड की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि इस राज्य की असली ताकत उसकी संघर्षशील नारी शक्ति रही…

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HKP का क्षेत्र भ्रमण तेज, “राजनीतिक अतिक्रमण खत्म करने” का दावा

पौड़ी गढ़वाल। हिमालय क्रांति पार्टी (HKP) ने अब जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए क्षेत्रीय जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ. दिनेश सिंह…

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सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान के निर्देश

रुद्रपुर, 17 अप्रैल 2026।प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025: जसपुर और काशीपुर ब्लॉकों में इन चेहरों ने मारी बाज़ी

रुद्रपुर/जसपुर/काशीपुर, 31 जुलाई 2025 — त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2025 की मतगणना में उधम सिंह नगर ज़िले के जसपुर और काशीपुर ब्लॉकों के परिणामों ने जहां स्थानीय समीकरणों को फिर […]

शिमला पिस्तौर और नारायणपुर में जिला पंचायत चुनाव परिणाम: ममता जल्होत्रा और नेहा को जीत

रुद्रपुर, 31 जुलाई 2025 — उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के तहत आज घोषित जिला पंचायत चुनाव परिणामों में कई नई और प्रभावशाली महिला उम्मीदवारों […]

खटीमा उधमसिंह नगर पंचायत चुनाव 2025: अमर सिंह राना और ललिता देवी ने मारी बाज़ी, कई पुराने चेहरे हारे, कई नए उभरे

रुद्रपुर/खटीमा, 31 जुलाई 2025 (विशेष संवाददाता)। उधमसिंह नगर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के परिणाम आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। कई पुराने चेहरे जहां हार के […]

बन्नाखेड़ा क्षेत्र पंचायत चुनाव: वीरपाल सुरेश भारी मतों से विजयी, काँटे की टक्कर में पछाड़े सभी दिग्गज

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शहीद ऊधम सिंह बलिदान दिवस पर रुद्रपुर में श्रद्धांजलि सभा, अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने किया नमन!अवतार सिंह बिष्ट, विशेष संवाददाता, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

रुद्रपुर, 31 जुलाई 2025 (हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स)रुद्रपुर में स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस को बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर […]

ग्राम पंचायत चुनाव 2025: भुडाई से लक्ष्मण सिंह और खेतल संदामुस्तजार से रोहन चन्द बने नये प्रधान रिपोर्टर: अवतार सिंह बिष्ट |  खटीमा, ऊधम सिंह नगर |

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद की दो प्रमुख ग्राम पंचायतों—भुडाई और खेतल संदामुस्तजार—में हुए ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। नवीन मंडी स्थल […]

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का जिला पंचायत चमत्कार: राष्ट्रीय दलों को पछाड़ते हुए एक जननायक का पुनरुत्थान”(संपादकीय, विशेष लेख Avatr SinghBisht— हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /

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ब्रेकिंग न्यूज़ | रुद्रपुर, उधम सिंह नगर शिमला पिस्तौर BDC चुनाव परिणाम 2025 ममता जल्होत्रा ने मारी बाज़ी, 1500 वोटों से ऐतिहासिक जीत

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गदरपुर (रुद्रपुर), 31 जुलाई 2025 — उत्तराखंड के गदरपुर में बुधवार देर शाम उस वक्त अफरातफरी मच गई जब भाजपा नेता प्रीत ग्रोवर पर अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला कर […]

संपादकीय: “एक एंबुलेंस की तलाश में दम तोड़ती ज़िंदगी – उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का कड़वा सच”

उत्तराखंड के चमोली जिले से एक डेढ़ साल के मासूम की मौत की खबर न केवल एक परिवार का दुख है, बल्कि यह पूरे राज्य की ढहती स्वास्थ्य व्यवस्था पर […]