

हालांकि, अब भारत के इस दोस्त को पाकिस्तान में तबाही मचाने का बहाना मिल गया है. ये मौका किसी और ने नहीं, बल्कि खुद पाक के ‘भस्मासुर’ हाफिज सईद ने थाली में सजाकर दिया है. इजरायल ने हाल ही में भारत को जो खुफिया जानकारी थमाई है, उसे सुनकर पाकिस्तान के हुक्मरानों का ‘रोना’ निकलना तय है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
इजरायल ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद
हाल ही में इजरायल ने अब पाकिस्तान में बैठे आतंकवाद के आकाओं की नींद उड़ाने वाला एक बड़ा दांव चल दिया है. इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत के सामने एक ऐसा ‘डोजियर’ पेश किया है, जिसने हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बीच के ‘खूनी कनेक्शन’ की पोल खोल दी है. इजरायल ने साफ कर दिया है कि जिसे दुनिया सिर्फ गाजा का लड़ाका समझ रही थी, उसके तार सीधे पाकिस्तान में हाफिज सईद से जुड़े हैं.
हमास और लश्कर-ए-तैयबा का कनेक्शन
इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारतीय नेताओं से बातचीत में जोर देकर कहा कि हमास केवल इजरायल का दुश्मन नहीं है, बल्कि उसके संबंध लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से भी हैं, जो भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं. इजरायल ने भारत को आगाह किया है कि ये दोनों संगठन मिलकर एक ऐसा ग्लोबल नेटवर्क चला रहे हैं, जिसका मकसद दुनिया भर में आतंक फैलाना है.
भारत से ‘आतंकी’ घोषित करने की मांग
इजरायल ने भारत सरकार से अपील की है कि वह आधिकारिक तौर पर हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करे. इजरायल का कहना है कि जिस तरह भारत ने लश्कर को बैन किया है, वैसे ही हमास पर प्रतिबंध लगना चाहिए क्योंकि दोनों की विचारधारा और ट्रेनिंग का तरीका एक जैसा है. इजरायल का दावा है कि पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से हमास को ट्रेनिंग और फंडिंग दोनों ही मिल रही है, जिसे वो इजरायल में तबाही मचाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है.
हमास और लश्कर के संबंधों का सबूत देकर इजरायल ने पाकिस्तान को घेरने का बहाना ढूंढ लिया है. अगर भारत इस दावे को स्वीकार करता है, तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी और भी मजबूत हो जाएगी.
‘भस्मासुर’ का कच्चा-चिट्ठा भारत के पास
इजरायल ने जो खुफिया जानकारी भारत के साथ साझा की है, उसमें हमास के लड़ाकों और लश्कर के आतंकियों के बीच ट्रेनिंग और फंडिंग के लेन-देन का जिक्र है. इजरायल का मानना है कि पाकिस्तान की जमीन पर पल रहे ये आतंकी अब इजरायल के लिए भी खतरा बन रहे हैं और इसीलिए इजरायल अब भारत के साथ मिलकर ‘आतंकवाद के इस ईको-सिस्टम’ को तबाह करना चाहता है.
क्या पाकिस्तान में मचेगी तबाही?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल का ये कदम भविष्य में किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन की जमीन तैयार कर सकता है. अगर ये साबित हो जाता है कि हमास को पाकिस्तान से मदद मिल रही है, तो इजरायल की मोसाद और वायुसेना पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का बहाना ढूंढ सकती है. भारत के लिए भी यह एक मौका है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को ‘आतंकवाद की जननी’ साबित कर सके.




