नई दिल्ली। कक्षा 12 के परीक्षा परिणामों के बाद सामने आई तकनीकी समस्याओं और छात्रों की शिकायतों ने अब संसद का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शिक्षा मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा का फैसला किया है। समिति 2 जून को शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब तलब करेगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
बैठक में परीक्षा परिणामों के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल संबंधी दिक्कतों, भुगतान विफलता और छात्रों को हुई अन्य परेशानियों पर विस्तार से चर्चा होगी। समिति यह भी जांचेगी कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली कितनी प्रभावी साबित हुई और इसमें सुधार की क्या संभावनाएं हैं।
इसके अलावा कक्षा 9 और 10 में लागू किए जा रहे त्रिभाषा फॉर्मूले के क्रियान्वयन पर भी अधिकारियों से सवाल-जवाब होंगे। संसदीय समिति का मानना है कि नई शिक्षा नीतियों और परीक्षा व्यवस्थाओं का सीधा प्रभाव लाखों छात्रों पर पड़ता है, इसलिए उनकी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बैठक के निष्कर्ष भविष्य में परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में बड़े बदलावों का आधार बन सकते हैं।
वहीं समिति ने कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों को हुई परेशानियों और ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के अधिकारियों को 2 जून को तलब किया है.
समिति कक्षा 9 और 10 में लागू किए जा रहे त्रिभाषा फॉर्मूले पर भी चर्चा करेगी. समिति ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार और सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह को 2 जून की बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया है. बैठक में कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के इस्तेमाल और उसके बाद छात्रों को हुई समस्याओं की समीक्षा की जाएगी.
छात्रों और अभिभावकों की नाराजगी
हाल ही में कक्षा 12 के परिणाम के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों, भुगतान विफल होने और पोर्टल तक पहुंच में समस्या को लेकर सीबीएसई को छात्रों और अभिभावकों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था.
आज भी होगी संसदीय समिति की बैठक
राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक समिति आज भी बैठक करेगी. सुबह 10 बजे होने वाली बैठक में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित अनुदान मांग रिपोर्ट पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद 11 बजे समिति उच्च शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के प्रतिनिधियों और भारतीय वायुसेना के पूर्व आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. गुलशन गर्ग के साथ बैठक करेगी. बैठक में लिखित परीक्षा और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के बीच अंतर तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
बैठक में चर्चा का प्रमुख मुद्दा
- कागज़-कलम आधारित परीक्षा (Pen-and-Paper Testing) बनाम कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का इस्तेमाल.
- NEET तथा NTA से संबंधित विचार एवं दृष्टिकोण.
- 2 जून को सचिव, स्कूली शिक्षा और चेयरमैन, CBSE को समन किया गया है. 12वीं की CBSE परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन (OSM) की उपयोगिता और इससे छात्रों होने वाली समस्याओं को लेकर सवाल किए जाएंगे. 9वीं और 10वीं क्लास में 3 भाषाओं के एप्लीकेशन फ़ार्मूले पर भी सवाल जवाब किए जाएंगे.
