उत्तरकाशी/देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर उच्च हिमालय में मौसम के अचानक करवट लेने और भारी बर्फबारी ने पर्वतारोहण व ट्रेकिंग गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर देहरादून की राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने की खबर से सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण की नई अनुमति पर अस्थायी रोक लगाई है, तो दूसरी तरफ रामशरण नौटियाल के राजनीतिक भविष्य को लेकर चकराता और विकासनगर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
136 पर्वतारोही और ट्रेकर फंसे, चलाना पड़ा हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान
उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में बीते दिनों मौसम अचानक खराब होने के बाद भारी बर्फबारी हुई। इसके चलते हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन और ट्रेकिंग के लिए गए करीब 136 पर्वतारोही और ट्रेकर मुश्किल में फंस गए। खराब मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ी चुनौती को देखते हुए जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया।
हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया गया। सोमवार और मंगलवार को चले अभियान में 67 पर्वतारोहियों और ट्रेकरों को सुरक्षित वापस लाया गया। वहीं 53 लोगों ने स्वयं वापस लौटने की सूचना दी, जबकि माउंट श्रीकंठ आरोहण के लिए गया सीमा सुरक्षा बल का 18 सदस्यीय दल अभियान जारी रखने की स्थिति में बताया गया।
घटना के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
कालिंदी खाल बेस और ऑडेन कोल में पांच से छह फीट बर्फ
रेस्क्यू कर वापस लाए गए ट्रेकरों से मिली जानकारी के अनुसार कालिंदी खाल बेस सहित ऑडेन कोल पास जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पांच से छह फीट तक बर्फबारी हुई है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से रास्तों के बंद होने और पर्वतारोहियों के फंसने का खतरा बढ़ जाता है।
इसी को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने उच्च हिमालय में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग गतिविधियों के लिए नई अनुमति जारी करने पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है। पार्क प्रशासन का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल पर्यटकों और पर्वतारोहियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक गर्ग ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है।
ट्रेकिंग कारोबार से जुड़े लोगों ने उठाए सवाल
दूसरी ओर गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन ने सभी ट्रेकिंग रूटों पर एक जैसी रोक लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा का कहना है कि अत्यधिक ऊंचाई वाले और जोखिमपूर्ण पासों पर रोक समझ में आती है, लेकिन दयारा, डोडीताल, सातताल, क्यारकोटी और गंगोत्री-गोमुख जैसे अपेक्षाकृत अलग प्रकृति वाले ट्रेक रूटों को परिस्थितियों के अनुसार खोलने पर विचार किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि गंगोत्री-गोमुख ट्रेक पर बर्फबारी के बावजूद पर्यटकों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था उपलब्ध रहती है। ऐसे में सभी ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने से स्थानीय पर्यटन और ट्रेकिंग कारोबार प्रभावित हो सकता है।
हालांकि प्रशासन का तर्क है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और संबंधित क्षेत्रों की सुरक्षा का आकलन किए जाने के बाद ही आवाजाही की अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा।
दयारा और डोडीताल पर भी मौसम की निगरानी
उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े के अनुसार दयारा बुग्याल और डोडीताल जैसे ट्रेक रूटों पर भी वर्षा को देखते हुए आवाजाही रोकी गई थी। इन मार्गों को जिलाधिकारी की अनुमति के बाद खोला जाएगा।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर उत्तराखंड के उच्च हिमालयी पर्यटन में सुरक्षा और मौसम आधारित अनुमति व्यवस्था की आवश्यकता को सामने ला दिया है। पर्वतारोहण के साथ-साथ ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को भी मौसम और प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने की खबर से देहरादून की राजनीति गरमाई
इधर देहरादून में भाजपा की राजनीति में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता और देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रामशरण नौटियाल के भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की खबर सामने आई है। रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रीतम सिंह को 36,853 मत प्राप्त हुए थे।
बताया गया है कि रामशरण नौटियाल ने अपने निजी सहायक राज के माध्यम से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेजा। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस्तीफे की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई है। भाजपा की ओर से इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।
पार्टी में नाराजगी की चर्चा
रामशरण नौटियाल की भाजपा से दूरी को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही थीं। वर्ष 2023 में भी उन्होंने अपनी ही पार्टी के स्थानीय नेताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों में भी उनके असंतोष की चर्चा होती रही है।
दिए गए घटनाक्रम के अनुसार भाजपा के एक कैबिनेट मंत्री की ओर से एक कार्यक्रम में मधु चौहान को अगला दावेदार बताए जाने के बाद रामशरण नौटियाल की नाराजगी बढ़ने की चर्चा सामने आई। इसके बाद मधु चौहान की ओर से अपने ही सरकार के एक मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोले जाने और उस मामले में रामशरण की ओर से कार्रवाई की मांग किए जाने की भी बात कही जा रही है। हालांकि इन घटनाक्रमों और इस्तीफे के बीच सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस में जाने की अटकलें, लेकिन अगला कदम साफ नहीं
रामशरण नौटियाल के भाजपा से अलग होने की खबर के बाद उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। कुछ रिपोर्टों में विकासनगर विधानसभा से कांग्रेस टिकट की संभावित दावेदारी की चर्चा भी है। हालांकि अभी तक रामशरण नौटियाल की ओर से अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
उनके राजनीतिक सफर को देखते हुए चकराता और विकासनगर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। रामशरण नौटियाल पहले कांग्रेस में भी सक्रिय रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चकराता से विधानसभा चुनाव लड़ा था। अब भाजपा छोड़ने की खबर के बाद उनकी अगली राजनीतिक दिशा पर नजरें टिक गई हैं।
एक तरफ पहाड़ में मौसम की चुनौती, दूसरी तरफ देहरादून में सियासी हलचल
उत्तरकाशी में भारी बर्फबारी के बीच 136 पर्वतारोहियों और ट्रेकरों के फंसने तथा उसके बाद रेस्क्यू अभियान ने उच्च हिमालयी पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था को केंद्र में ला दिया है। प्रशासन ने फिलहाल जोखिम वाले क्षेत्रों में नई अनुमति रोककर सावधानी का रास्ता अपनाया है, जबकि पर्यटन और ट्रेकिंग कारोबार से जुड़े लोग कम जोखिम वाले मार्गों को परिस्थितियों के अनुसार खोलने की मांग कर रहे हैं।
वहीं देहरादून में रामशरण नौटियाल के भाजपा से इस्तीफे की खबर ने चुनावी राजनीति के बीच नई चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से इस्तीफे की जानकारी से अनभिज्ञता जताए जाने के कारण इस मामले में अंतिम स्थिति पार्टी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस तरह उत्तराखंड में एक ही समय पर दो अलग-अलग मोर्चों पर हलचल दिखाई दे रही है—उच्च हिमालय में मौसम और सुरक्षा की चुनौती तथा देहरादून में बदलते राजनीतिक समीकरणों की चर्चा।
