रुद्रपुर में सियासी संग्राम: पूर्व विधायक ठुकराल समर्थकों संग नजरबंद, हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध! रुद्रपुर की इस घटना से खड़े हुवे तीन सवाल।

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रुद्रपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रुद्रपुर कार्यक्रम को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और उनके समर्थकों को पुलिस ने गल्ला मंडी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में नजरबंद कर दिया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में ठुकराल और समर्थकों ने मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और भाजपा नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हनुमान जी का स्वरूप धारण किए कलाकार से नृत्य कराया गया। ठुकराल ने इसे हिंदू समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए भाजपा नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग की।
उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र हैं। धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप को राजनीतिक अथवा सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत करते समय मर्यादा और आस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पंचमुखी हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
ठुकराल ने पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने की कार्रवाई पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों को पुलिस कार्रवाई के जरिए रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शांतिपूर्ण विरोध से उसे आपत्ति क्यों है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व के कार्यक्रम के दौरान अपने विरोध की आवाज उठाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ किसी व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ हिंसक गतिविधि नहीं, धार्मिक आस्था और शांतिपूर्ण विरोध की अभिव्यक्ति है।
ठुकराल ने भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि यदि हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति भाजपा की राजनीति का प्रमुख आधार हैं तो भगवान हनुमान के स्वरूप को लेकर आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक मर्यादा का पालन किस स्तर तक किया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की आस्था को राजनीतिक मंचों की गतिविधियों से जोड़ते समय संवेदनशीलता जरूरी है।
समर्थकों ने भी जताया रोष
नजरबंदी की सूचना के बाद समर्थकों में भी रोष दिखाई दिया। मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा पाठ के दौरान भाजपा नेतृत्व और पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई गई। समर्थकों ने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के बजाय सरकार और भाजपा नेतृत्व को उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
पूर्व विधायक ठुकराल ने कहा कि उनका विरोध किसी धार्मिक व्यक्ति अथवा समुदाय के खिलाफ है। उनका सवाल धार्मिक मर्यादा और आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा रखने वाला समाज अपने आराध्य के स्वरूप और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की अपेक्षा करता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने रुद्रपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम के बीच स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है। एक ओर भाजपा अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों के जरिए चुनावी तैयारियों को गति देने में जुटी है, दूसरी ओर पूर्व विधायक ठुकराल ने धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे को लेकर भाजपा नेतृत्व पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, सुखवंत सिंह विर्क, राजवीर सिंह विर्क, सुनील चुग, संजय ठुकराल, ललित सिंह बिष्ट, गुलशन नारंग, पवन, आनंद शर्मा, हिम्मत राम कोली, कुंवर पाल कोली, राकेश कोली, वरुण बोरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रुद्रपुर की इस घटना ने एक साथ तीन सवाल खड़े कर दिए हैं—धार्मिक आस्था की मर्यादा, शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान पुलिस प्रशासन की भूमिका। अब निगाहें भाजपा नेतृत्व और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।


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