ऊधम सिंह नगर, 18 मई 2026। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने की। इस दौरान जिले को तंबाकू मुक्त बनाने और कोटपा (COTPA) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों को अनिवार्य रूप से “तंबाकू मुक्त परिसर” घोषित किया जाए। सरकारी परिसरों में धूम्रपान या तंबाकू सेवन करते पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में नियमित रूप से तंबाकू विरोधी गतिविधियां, प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों को तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव में “ग्राम स्तरीय समन्वय समिति” गठित की जाएगी। यह समिति गांव स्तर पर निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाएगी।
भारत-नेपाल सीमा से होने वाली अवैध तंबाकू तस्करी को रोकने के लिए जीएसटी विभाग को सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं पुलिस विभाग को ई-सिगरेट और अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ इन निर्णयों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस, जीएसटी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
दीवारों पर थूककर गंदगी फैलाने वालों पर प्रशासन सख्त, गुटखा थूकने वालों की अब खैर नहीं,ऊधम सिंह नगर। सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, सार्वजनिक भवनों और बाजारों में दीवारों, सीढ़ियों, लिफ्टों और वॉशरूमों को गुटखे और पान की पीक से गंदा करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी दफ्तरों की सीढ़ियां, अस्पतालों के कोने, लिफ्ट के अंदरूनी हिस्से, सार्वजनिक शौचालय और दीवारें गुटखा थूकने से बदरंग हो चुकी हैं। इससे न केवल वातावरण गंदा होता है बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की हरकतें मरीजों और आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानी जा रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों की जाएगी। सरकारी भवनों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और नियमित सफाई निरीक्षण कराने की योजना भी बनाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुटखा और तंबाकू सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए ही खतरनाक नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत कई संक्रामक बीमारियों के फैलाव का कारण भी बनती है। इसलिए लोगों को अपनी आदत बदलने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि स्वच्छ और स्वस्थ समाज बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा थूकने जैसी आदतों को रोकना बेहद जरूरी है।
