डेमोग्राफी बदलने का आरोप, जिलाधिकारी से कड़ी कार्रवाई की मांग!जग उठा पहाड़ फाउंडेशन (ट्रस्ट)

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पिथौरागढ़ जनपद में कथित रूप से डेमोग्राफी बदलने को लेकर जग उठा पहाड़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) ने गंभीर चिंता जताई है। ट्रस्ट ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को एक लिखित पत्र सौंपकर प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

जग उठा पहाड़ फाउंडेशन (ट्रस्ट)
जग उठा पहाड़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) के पदाधिकारी गोपू महर ने पिथौरागढ़ की बदलती डेमोग्राफी पर प्रशासन की चुप्पी को चिंताजनक बताया। उन्होंने जिलाधिकारी से बाहरी लोगों के सत्यापन, फर्जी दस्तावेजों पर कार्रवाई और सीमावर्ती जनपद की सामाजिक संरचना की रक्षा हेतु सख्त कदम उठाने की मांग


ट्रस्ट द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के मुखिया द्वारा इस विषय पर चिंता व्यक्त किए जाने के बावजूद जनपद स्तर पर संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में सत्यापन अभियान केवल स्थानीय लोगों और किरायेदारों तक सीमित है, जबकि अन्य राज्यों से आए बड़ी संख्या में लोग बिना समुचित जांच के पिथौरागढ़ शहर के विभिन्न वार्डों और बाजार क्षेत्रों में बस चुके हैं। पियाना वार्ड, सिनेमा लाइन वार्ड, लुन्युड क्षेत्र सहित गांधी चौक, पुरानी बाजार, माया बाजार और सिमलगैर में बाहरी लोग व्यापारी के रूप में सक्रिय बताए गए हैं।
इसके अलावा गांव-गांव में फेरीवालों की संख्या तेजी से बढ़ने को भी ट्रस्ट ने चिंता का विषय बताया है। ट्रस्ट का कहना है कि नगर निगम, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक समान और व्यापक अभियान चलाया जाना आवश्यक है।
पत्र में यह मांग भी की गई है कि जनपद की सीमाओं पर स्थापित पुलिस चौकियों पर एक अलग रजिस्टर रखा जाए, जिसमें अन्य जनपदों व राज्यों से आने वाले लोगों का पूरा विवरण दर्ज हो। इसमें आने की तिथि, आने का उद्देश्य, ठहरने का स्थान और लौटने की तिथि अनिवार्य रूप से अंकित की जाए।
ट्रस्ट ने यह सवाल भी उठाया है कि एक वर्ष पूर्व नगर निगम और प्रशासनिक जांच में जिन व्यापारियों के आधार कार्ड फर्जी पाए गए थे, उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
जग उठा पहाड़ फाउंडेशन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनसुनवाई में दर्ज प्रकरण संख्या के आधार पर संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए तथा की गई कार्रवाई से ट्रस्ट को आख्या के माध्यम से अवगत कराया जाए।
यह मामला अब जनपद में स्थानीय जनसंख्या संरचना, सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


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