अल्मोड़ा : अतिथि शिक्षक अब केवल विषय अध्यापन तक सीमित, अतिरिक्त कार्यों से इंकार

Spread the love

उत्तराखंड,अतिथि शिक्षक लंबे समय से सुरक्षित भविष्य एवं वेतन वृद्धि की दो सूत्रीय मांग को लेकर संघर्षरत हैं। पिछले वर्ष 15 दिन तक चले आंदोलन के दौरान सरकार ने 60 दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन वादे पूरे नहीं हुए। उल्टा हालात यह हो गए कि अतिथि शिक्षकों का शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन सत्र का वेतन भी काटा जाने लगा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर (उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी)

हाल ही में अल्मोड़ा के अतिथि शिक्षकों ने पंचायत चुनाव से पूर्व जिला अधिकारी आलोक कुमार पांडे से मुलाकात कर अपनी पीड़ा रखी थी, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया। जून माह का वेतन न मिलने के बावजूद अतिथि शिक्षकों ने चुनाव ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाई, किंतु इसके बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

सरकार की इस बेरुखी से आहत अतिथि शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि अब वे केवल अपने मूल विषय का ही अध्यापन कार्य करेंगे। यानी न तो वे कक्षा अध्यापक की जिम्मेदारी निभाएंगे, न ही अन्य विषय पढ़ाएंगे और न ही गैर शैक्षिक गतिविधियों जैसे बोर्ड ड्यूटी या अन्य दायित्वों में शामिल होंगे।

इसी क्रम में आज ताकुला ब्लॉक के अतिथि शिक्षक खंड शिक्षा कार्यालय पहुंचे और खंड प्रतिनिधि गीता जोशी को ज्ञापन सौंपा। पत्र में साफ उल्लेख किया गया कि अतिथि शिक्षकों की ड्यूटी अब किसी अन्य गतिविधि में न लगाई जाए।

खंड जाकर पत्र सौंपने वालों में ताकुला ब्लॉक अध्यक्ष कविता कांडपाल, मोहम्मद फुरकान, अंकित कुमार, बसंत बल्लभ जोशी, दीप चंद्र जोशी, रीता भाकुनी, गीता, विकास साह, भूपेंद्र आगरी समेत कई अतिथि शिक्षक शामिल रहे।


Spread the love