इस कमेटी में लखनऊ मंडलायुक्त IAS विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज IPS किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
वहीं मंदिर ट्रस्ट की ओर से बनाई गई जांच समिति को लेकर शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर और काली सेना के संस्थापक स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा है कि चंदा चोरी को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसे खत्म करना चाहिए. जांच को लेकर उन्होंने कहा कि ट्रस्ट और भाजपा, आरएसएस के लोग मिलकर एक कमेटी बना देंगे और उसकी जांच करेंगे. यह बिल्कुल सही नहीं है. भाई चोरी भी हम ही करेंगे. जांच भी हम ही करेंगे निष्पक्ष रूप से किसी न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के जज से इसकी जांच कराई जाए.
बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीएम योगी से मामले की जांच एसआईटी (SIT) कराने की मांग की थी. जिस पर टीम का गठन किया जा चुका है. वहीं मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की गई है. इस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है. ये याचिका 12 जून को दाखिल की गई है. जिसे स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने इसे व्यक्तिगत रूप से दाखिल किया है.
याचिका में आग्रह किया गया है कि मामले में जांच समेत केस दर्ज करने के निर्देश सीबीआई को दिया जाए. इसके अलावा कैग से भी मामले की जांच कराने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जी के मंदिर में दान और चढ़ावे की संपत्ति के कथित गबन के आरोपों का मामला अखबारों में छपा. इससे भक्तों की भावनाओं को ठेस पंहुची है. ऐसे में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और ऑडिट होना आवश्यक है.
नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी ने भी उठाए थे सवाल
वहीं इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जांच करने वालों पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए. महंत ने कहा, ‘आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. जो जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी सवाल हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे होगी? अंततः भगवान ही सब देख रहे हैं और वही न्याय करेंगे.
