संस्कृतिकर्मी, रंगकर्मी और शिक्षाविद प्रो. डी.आर. पुरोहित को मिला इंद्रमणि बडोनी सम्मान

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देहरादून, 18 अगस्त। दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में मंगलवार को आयोजित एक सादे किंतु गरिमामय समारोह में इस वर्ष का प्रतिष्ठित इंद्रमणि बडोनी सम्मान उत्तराखंड के प्रख्यात संस्कृतिकर्मी, रंगकर्मी, शिक्षाविद और लोक संस्कृति के संवाहक प्रो. दाताराम (डी.आर.) पुरोहित को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने की, जबकि उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान देने वाले गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में डोईवाला डिग्री कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


इस अवसर पर गढ़वाली की प्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती बीना बेंजवाल ने इंद्रमणि बडोनी सम्मान का प्रशस्ति वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश बडोनी ने किया।
मुख्य वक्ता प्रो. राकेश जोशी ने अपने संबोधन में प्रो. डी.आर. पुरोहित के जीवन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सांस्कृतिक, शैक्षिक और रंगमंचीय योगदान को रेखांकित किया। वहीं, मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में प्रो. पुरोहित की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुरेखा डंगवाल ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के योगदान को याद करते हुए कहा कि यदि इंद्रमणि बडोनी न होते तो आज उत्तराखंड का अस्तित्व भी संभवतः इस स्वरूप में दिखाई न देता। उन्होंने कहा कि बडोनी समय से पहले इस दुनिया से विदा हो गए, अन्यथा उत्तराखंड की दिशा और दशा उनकी कल्पना के अनुरूप होती।
उन्होंने कहा कि इंद्रमणि बडोनी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक कुशल कलाकार और रंगकर्मी भी थे। गणतंत्र दिवस पर राजपथ में केदार नृत्य की प्रस्तुति, माधो सिंह भंडारी भाव नाटिका का मंचन, रामलीला और ढोल परंपरा के पुनर्स्थापन जैसे अनेक क्षेत्रों में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
इस दौरान माधो सिंह भंडारी भाव नाटिका में चंपू हुड़क्या की भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ रंगकर्मी बाल कृष्ण नौटियाल ने भी इंद्रमणि बडोनी से जुड़े कई संस्मरण साझा किए और श्रोताओं को अनेक प्रेरक प्रसंग सुनाए।
गौरतलब है कि इंद्रमणि बडोनी चैरिटेबल फाउंडेशन पिछले चार वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को यह सम्मान प्रदान कर रहा है। इससे पहले बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी और नरेंद्र सिंह नेगी जैसी हस्तियों को भी इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शास्त्री, रंगकर्मी बाल कृष्ण नौटियाल, गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक संस्कृति एवं कला निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी, रियर एडमिरल ओ.पी.एस. राणा, डॉ. नंदकिशोर हटवाल, रमाकांत बेंजवाल, एस.पी. सेमवाल, डॉ. शैलेंद्र मैठाणी, श्रीमती कांता घिल्डियाल, ज्योतिष घिल्डियाल, प्रेम पंचोली, श्रीमती बीना पुरोहित, अनिल नेगी, चंद्रशेखर तिवारी, बद्रीश छावड़ा, श्रीमती गीता नौटियाल, डॉ. कुशल भंडारी और संजय पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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