

एसटीएफ की रडार पर प्रदेश में संचालित लगभग 2200 संदिग्ध म्यूल बैंक खाते हैं। सभी खाताधारकों की पहचान, बैंक अभिलेखों की जांच, मोबाइल नंबरों के विश्लेषण कर सत्यापन का अभियान किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और साइबर ठगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार अभियान के तहत एसटीएफ के अंतर्गत 12 टीमें गठित कर साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों का वृहत स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एसटीएफ की एक टीम डिजिटल साक्ष्यों, बैंक अभिलेखों एवं तकनीकी जांच के आधार पर साइबर अपराधियों की ओर से उपयोग किए जा रहे 15 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की गई।
जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) व इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर पोर्टल से प्राप्त शिकायतों और बैंक खातों के सत्यापन में यह पाया गया कि कई बैंक खाते साइबर अपराधियों की ओर से धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, स्थानांतरित करने एवं छिपाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।
इनमें से एक खाते में लगभग 1.53 करोड़ की ठगी से संबंधित 28 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अन्य खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन एवं बहुसंख्यक शिकायतें दर्ज हैं। प्रमुख रूप से प्रकाश में आए म्यूल खातों के संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विवेचना के दौरान विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद गिरोह के दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों की पहचान दानिश अंसारी निवासी मोहल्ला किला, निकट पानी की टंकी, देवबंद उत्तर प्रदेश वर्तमान निवासी सिद्धार्थ विहार कॉलोनी कंडोली थाना रायपुर और अंकित एन्थोनी निवासी राजीव नगर तरली कंडोली राजपुर रोड रायपुर के रूप में हुई है।
भोले भाले लोगों को लालच देकर खरीदते थे खाता
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर ठग भोले-भाले व्यक्तियों को कमीशन, किराया, नौकरी सहित अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे। बाद में उन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने एवं आगे ट्रांसफर करने में करते थे।
गिरफ्तार साइबर ठगों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश जारी है और कई खाताधारकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड एवं नेट बैंकिंग सुविधाएं लालचवश अपराधियों को उपलब्ध कराई गईं। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
क्या हैं म्यूल अकाउंट
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी, मनी लांड्रिंग और गैरकानूनी गतिविधियों के पैसों को ट्रांसफर या छिपाने के लिए करते हैं। यह खाता अक्सर किसी अनजान या लालच में आए व्यक्ति के नाम पर होता है, लेकिन इसका उपयोग साइबर ठग करते हैं। जांच में पकड़े जाने पर खाताधारक कानूनी मुसीबत में फंस सकता है।




