यह नवरात्रि का पहला दिन था और यह समय नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।
अक्टूबर के जीएसटी संग्रह के आंकड़े त्योहारी सत्र की बिक्री और दबी हुई मांग के प्रभाव को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने जीएसटी दरों में कटौती का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी का फैसला टाल दिया था। वाहनों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों ने भी अपना प्लान अचानक बदल दिया था।

सितंबर की तुलना में अक्टूबर में बढ़ा कलेक्शन
शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से 4.6 प्रतिशत अधिक है। इस साल अगस्त और सितंबर में कर संग्रह क्रमशः 1.86 लाख करोड़ रुपये और 1.89 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।
हालांकि अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि पिछले महीनों में देखी गई लगभग नौ प्रतिशत की औसत वृद्धि से कम है। सकल घरेलू राजस्व, जो स्थानीय बिक्री का एक संकेतक है, अक्टूबर में दो प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर आयात कर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 50,884 करोड़ रुपये रहा। जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 39.6 प्रतिशत बढ़कर 26,934 करोड़ रुपये हो गया। अक्टूबर 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।

