राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA) ने हाल ही में दावा किया है कि देश में 2013 के बाद कोई आतंकी घटना नहीं घटी है. उन्होंने कश्मीर को अलग रखते हुए बताया कि किस तरह पूरा देश आतंकवादी हमलों से सुरक्षित रखा गया है.

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उन्होंने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान के लिए प्रॉक्सी वॉर का अड्डा है, वो अलग लड़ाई है. हालांकि, बाकी पूरा देश आतंकवादी हमलों से सुरक्षित रहा है. अजित डोभाल भारत के लिए वो ढाल हैं जो हर मुसीबत को टालते आए हैं. उन्होंने दशकों पहले भारत के एक राज्य को भी अमेरिका से पंजे से बचाया था और यहां से CIA को तक खदेड़ दिया था.

CIA के हाथ में चला जाता ये राज्य

अजित डोभाल ने 1970 के दशक में एक बेहद मुश्किल मिशन को अंजाम दिया था. ये मिशन सिक्किम को लेकर था, जो एक वक्त पर अमेरिका के हाथों में जाने वाला था. यहां पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने कोई जंग नहीं लड़ी बल्कि गंदी रणनीति से कब्जा जमा लिया था. इसमें मदद कर रही थीं सिक्किम की रानी होप कुक. बताया जाता है कि होप कुक के CIA से गुप्त संबंध थे. भारत को शक था कि वो जल्द ही सिक्किम, CIA के हाथों बेच देंगी.

कौन थी अमेरिका की Spy Queen?

सिक्कम पर पहले चोग्याल राजवंश की हुकूमत चलती थी. इसके बाद जब 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली तब इसे संरक्षित राज्य बना दिया गया, जहां के रक्षा और विदेश मामले भारत संभालता था. 1965 के बाद जब पाल्डेन थोंडुप नामग्याल ने सत्ता संभाली तब होप कुक सीन में आईं, उन्होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ कर थोंडुप के साथ शादी कर ली. 1960 तक वो रानी बन गईं और रियासत से जुड़े फैसले भी लेने लगीं. उन्हें सिक्किम में भारत की मौजूदगी से दिक्कत थी, ये बात वो कई विदेशी इंटरव्यूज में बोलती दिखाई दी थीं.

रानी होप कुक खुद अमेरिकी मूल की थीं और उन्होंने CIA को अपनी रियासत में खास अहमियत देनी शुरू कर दी थी. यही वजह है कि भारत में उन्हें ‘जासूस रानी’ मान लिया गया था. अमेरिका के साथ बिगड़ते संबंधों के बीच भारत को डर था कि चीनी सीमा से लगा ये राज्य भी हाथ ने निकल जाएगा.

NSA Ajit Doval ने चली ऐसी चाल

फिर एंट्री हुई अजीत डोभाल की और उन्होंने सिक्किम मिशन को हाथ में लेते ही सबसे पहले ‘जासूस रानी’ की दुखती रग पड़ी. उन्होंने देखा कि सिक्किम राजशाही को लेकर वहां की जनता भी बहुत परेशान थी. उन्होंने रानी का प्रभाव कम करने के लिए वहां के लोकल राजनीतिक नेताओं को उकसाया. राजशाही के खिलाफ जनता के गुस्से का इस्तेमाल किया और दिल्ली की पकड़ सिक्किम में मजबूत की.

India का 22वां राज्य

सिक्किम में उबाल 1973 तक चरम पर पहुंच गया. विरोध प्रदर्शन शुरू, राजशाही के खिलाफ मार्च और लोकतंत्र की मांग पर बवाल शुरू हुआ और ‘जासूस रानी’ भाग खड़ी हुईं. होप कुक सिक्किम छोड़कर न्यूयॉर्क चली गईं और इसके बाद उन्होंने लौटकर कभी नहीं देखा. 1975 में राजशाही को खत्म की गई और सिक्किम विधानसभा ने भारत में विलय का जबरदस्त समर्थन किया. भारत के सपोर्ट में 97 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मतदान किया और सिक्किम भारत का 22वां राज्य बनकर खड़ा हो गया.


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