

✍️ संपादकी.यरुद्रपुर। यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड की राजनीति विकास को केंद्र में रखकर जोश और उत्साह से भरी दिखाई दी हो। लेकिन आज की प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद बलराज पासी ने जिस शैली, आंकड़ों और आत्मविश्वास के साथ केंद्र और राज्य सरकार के उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया—उसने साफ संकेत दे दिया कि उत्तराखंड 2025 और 2047 के लक्ष्यों को लेकर राजनीतिक इच्छा शक्ति पहले से कहीं अधिक मजबूत है।

पासी ने प्रेस वार्ता की शुरुआत एक महत्वपूर्ण टिप्पणी से की—
“उत्तराखंड में विकास केवल कागजों में नहीं, धरातल पर दिख रहा है।”
और वास्तव में, यह बयान राजनीतिक भाषण से अधिक तथ्यों और उपलब्धियों के साथ प्रमाणित हुआ।
धार्मिक पर्यटन से आधुनिक राष्ट्र निर्माण की ओर
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड केवल धर्मस्थलों का केंद्र भर नहीं रहा, बल्कि वैश्विक धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन का आधुनिक मॉडल बन चुका है।
केदारनाथ और बद्रीनाथ का परिवर्तन, चारधाम पुनर्निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भक्तिपूर्ण वातावरण—विश्वास और विज्ञान का अनूठा संगम बनकर खड़ा है।
रोपवे परियोजनाएँ, तीर्थ यात्रियों के लिए विस्तृत अवसंरचना और सुरक्षित यात्रा—सरकार की यह दृष्टि स्पष्ट करती है कि धार्मिक आस्था और आर्थिक समृद्धि अब एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं।
रेल नेटवर्क: पहाड़ की जिंदगी में नई रफ्तार
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन — पासी के शब्दों में —
“यह केवल रेलवे प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लाइफलाइन है।”
यह रेल लाइन न सिर्फ आपदा प्रबंधन और व्यापार को नया आयाम देगी, बल्कि पहाड़ की युवाशक्ति के लिए रोजगार, व्यापार और उद्यमिता के द्वार खोलने जा रही है।
जल की चुनौती का स्थायी समाधान
सौंग बांध और जमरानी बांध योजनाएँ — दशकों से चल रहे जल संकट की चुनौती का निर्णायक समाधान साबित होने जा रही हैं।
देहरादून से कुमाऊँ तक — पेयजल, सिंचाई और विद्युत उत्पादन — सब कुछ एक ही योजना के इर्द-गिर्द मजबूत हो रहा है।
गरीब, किसान और महिला केंद्रित नीतियाँ
प्रेस वार्ता में पासी ने स्पष्ट कहा —सरकारी योजनाओं का लाभ अब दलालों और बिचौलियों के पास नहीं, बल्कि सही हकदारों तक पहुँच रहा है।”योजनाओं की जमीनी उपलब्धियाँ इस कथन को सही साबित करती हैं —
पीएम किसान सम्मान निधि से लाखों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग,फसल बीमा योजना ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा दी,पीएम मातृ वंदना योजना से मातृ-शिशु स्वास्थ्य में ऐतिहासिक सुधार
आयुष्मान योजना से लाखों परिवार आर्थिक बदहाली से सुरक्षित हुए
खनन नीति — विवाद नहीं, मॉडल बनता उत्तराखंड,राज्य में सबसे बड़े बदलावों में से एक—खनन क्षेत्र।
जहाँ विपक्ष लगातार आरोपों की राजनीति में उलझा रहा, वही दूसरी ओर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खनन नीति को पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि और रोजगार के मॉडल में बदल दिया।
पूर्व सांसद पासी के अनुसार — पिछले एक वर्ष में खनन से जितना राजस्व नई नीति ने अर्जित किया है, उतना कांग्रेस अपने पूरे कार्यकाल में भी नहीं दिला सकी।
राज्य को केंद्र से 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि — सुधारों और ईमानदार नीति के कारण मिली।
विकास बनाम नकारात्मक राजनीति
,आज के माहौल में यह बात खुलकर सामने आई कि,एक ओर सरकार विकास, रोजगार, बुनियादी ढाँचे और धार्मिक विरासत के पुनर्जागरण में लगी है
दूसरी ओर विपक्ष केवल आरोपों और अविश्वास की राजनीति में उलझा है
पूर्व सांसद पासी की बात यहां निर्णायक रही —
“जनता नकारात्मक राजनीति को बार-बार नकार चुकी है। उसे उम्मीद और काम चाहिए—और यही डबल इंजन सरकार दे रही है।”
सांप्रदायिक नहीं — सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
यह भी स्पष्ट रहा कि मोदी–धामी युग में विकास केवल आर्थिक ढाँचों तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक पहचान के पुनरुत्थान से जुड़ा है।
केदारनाथ के गर्भगृह से लेकर हर गरीब के घर तक —आस्था और प्रगति, दोनों अपने चरम पर मिलते दिखाई दे रहे हैं।पूर्व सांसद बलराज पासी की प्रेस वार्ता उत्तराखंड की राजनीतिक दिशा और विकास यात्रा का प्रतिनिधित्व करती है।
आज राज्य केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं—बल्कि राष्ट्र निर्माण में भागीदार प्रदेश बन चुका है।विकसित भारत @2047” — कोई नारा नहीं बल्कि उत्तराखंड की धरती पर आकार लेता हुआ भविष्य है।
और इस भविष्य की आधारशिला—
पारदर्शी शासन
सांस्कृतिक चेतना
प्रगतिशील नीति
जनभागीदारी
पर टिकी हुई है।
प्रेस वार्ता में राज्य मंत्री बलराज पासी पूर्व सांसद, राज्य मंत्री उत्तम दत्ता,जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी कमल जिंदल, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला ,योगेश वर्मा, रोशन अरोड़ा, बिट्टू चौहान, विजय तोमर, अक्षय गहलोत, बिट्टू चौहान ,मोर सिंह यादव आदि लोग उपस्थितथे




