बांग्लादेश में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी पर हुए हमले और बाद में उसकी मौत के बाद हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। बॉर्डर के करीब इलाकों में तनाव बढ़ रहा है, जबकि पूरे देश में कट्टरपंथी जमात के लोग दंगे कर रहे हैं। राजधानी ढाका से लेकर पोर्ट सिटी चटगांव और इंडस्ट्रियल हब खुलना तक घमासान मचा हुआ है। कट्टरपंथी भारत के खिलाफ जंग का एलान कर रहे हैं और हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं। मेमनसिंह शहर में एक हिंदू को सरेआम चौराहे पर जिंदा जला दिया गया

इस घटना पर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अफसोस जाहिर किया है और दोषियों को पकड़ने की बात कही है। हालांकि यह बयानबाजी तक ही सीमित लगता है क्योंकि दीपू के परिवार को सरकार की ओर से कोई भरोसा नहीं दिया है।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
भीड़ के हाथों बेरहमी से मारे गए दीपू के पिता रविलाल दास ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा है कि वह सरकार के रवैये से पूरी तरह हताश हैं। रविलाल का कहना है कि सरकार की ओर से उनको कोई आश्वासन नहीं दिया है। किसी बड़े नेता या अफसर की ओर से कुछ नहीं कहा गया। इससे उनका दुख और बढ़ गया है। उन्होंने बताया है कि अब तक उनसे किसी शीर्ष नेता ने संपर्क नहीं किया है।
बेटे की खबर फेसबुक से मिली
रविवाल का कहना है कि प्रशासन ने तो उन्हें बेटे की मौत की खबर तक नहीं दी। उनको अपने बेटे की मौत की खबर उनको सबसे पहले फेसबुक पर मिली। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस मामले में कार्रवाई का आदेश दिया है लेकिन रविलाल को फिलहाल सरकार से कोई खास उम्मीद नहीं है।
रविवाल ने कहा कि पहले हमें फेसबुक से बातें सुनने को मिलीं। इसके बारे में हमें सही से तब पता चला जब किसी ने मुझे बताया कि उसे बुरी तरह पीटा गया है। आधे घंटे बाद मेरे चाचा आए और उन्होंने मुझे बताया कि वे मेरे बेटे को ले गए और उसे एक पेड़ से बांधकर उसको जला दिया गया।
नहीं पता हमलावर कौन थे
रविलाल ने बताया है कि यह बेहद परेशान करने वाला है। उन्होंने मेरे बेटे को ना सिर्फ मारा बल्कि केरोसिन डालकर उसके शव को भी जला दिया।उसकी जली हुई लाश बाहर छोड़ दी गई। उन्होंने जले हुए धड़ और सिर को बांध दिया। यह बहुत भयानक था। इस घटना ने हमें पूरी तरह तोड़ दिया है।
दीपू को मारने वाले किस संगठन से जुड़े थे। इस पर रविवाल स्पष्ट कहने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अभी तक इसके लिए जिम्मेदार लोगों के बारे में ठीक पता नहीं है कि वे जमात-ए-इस्लामी के थे या उसके सहयोगी छात्र शिविर के। हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते, लोग सिर्फ बात कर रहे हैं।
फैक्ट्री में काम करते थे दीपू
दीपू चंद्र दास एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। गुरुवार रात मयमनसिंह में इस्लाम का अपमान करने के आरोप में भीड़ ने उनको बेरहमी से पीटकर मार दिया। दीपू की मौत के बाद भीड़ ने उनके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। इसबर्बरता को दर्जनों लोग मूकदर्शक बनकर देखते रहे।
बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद देश बेकाबू हो गया है. कल रात जैसे ही सिंगापुर में छात्र नेता हादी की मौत की खबर ढाका पहुंची पूरा बांग्लादेश जल उठा. बांग्लादेश में दो बड़े अखबारों का दफ्तर फूंक दिया गया. देश के सबसे बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो के ऑफिस में जबरन घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई. इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ की गई है और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के ऑफिस को भी जला दिया गया है.

