पिथौरागढ़ पहुंची पवित्र छड़ी यात्रा, 72 साधु-संत कर रहे उत्तराखंड भ्रमण

  1. पिथौरागढ़ पहुंची पवित्र छड़ी यात्रा, 72 साधु-संत कर रहे उत्तराखंड भ्रमण
    पिथौरागढ़। पंच दशनाम जूना अखाड़े के तत्वावधान में निकली प्रसिद्ध पवित्र छड़ी यात्रा 29 अक्टूबर को कुमाऊं के सीमांत नगर पिथौरागढ़ पहुंची। यात्रा में शामिल साधु-संतों का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया गया। सात अक्टूबर को शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य गढ़वाल के केदारखंड और कुमाऊं के मानसखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ना है।
  2. अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

  3. यात्रा का नेतृत्व महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज कर रहे हैं। इसमें 72 साधु-संत शामिल हैं। बद्रीनाथ सहित चारों धामों में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा ने मानसखंड क्षेत्र में प्रवेश किया। यात्रा दल तवाघाट स्थित शिव शक्ति आश्रम से आगे बढ़ते हुए आदि कैलाश और ऊं पर्वत भी पहुंचा।

यात्रा का नेतृत्व महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज कर रहे हैं। इसमें 72 साधु-संत शामिल हैं। बद्रीनाथ सहित चारों धामों में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद यात्रा ने मानसखंड क्षेत्र में प्रवेश किया। यात्रा दल तवाघाट स्थित शिव शक्ति आश्रम से आगे बढ़ते हुए आदि कैलाश और ऊं पर्वत भी पहुंचा।
पिथौरागढ़ स्थित द एशियन स्कूल में पवित्र छड़ी पहुंचने पर विद्यालय परिवार ने उसका स्वागत किया। पिथौरागढ़ में विश्राम और गुरना माता मंदिर के दर्शन के बाद यात्रा लोहाघाट, चंपावत, गोलज्यू मंदिर, हिंगलाज माता मंदिर, मां पूर्णागिरि धाम और गर्जिया माता मंदिर की ओर बढ़ेगी। इसके बाद हरिद्वार के श्यामपुर स्थित प्रेम गिरि आश्रम में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम बताया गया है। आगे यात्रा को बागेश्वर धाम ले जाने की योजना है।
यात्रा प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. वीरेंद्रानंद महाराज के अनुसार, इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों को जोड़ना, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना और विश्व शांति, सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण का संदेश देना है।