

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में दर्ज अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। आयोग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इससे पहले सबसे अधिक मतदान 2011 के विधानसभा चुनावों के दौरान 84.72 प्रतिशत रहा था।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
आजादी के बाद पश्चिम बंगाल चुनाव का मतदान प्रतिशत (1951-2026)
क्रम संख्याराज्यसालचुनावमतदान प्रतिशत1पश्चिम बंगाल1951विधानसभा43.122पश्चिम बंगाल1951लोकसभा40.493पश्चिम बंगाल1957विधानसभा47.644पश्चिम बंगाल1957लोकसभा47.675पश्चिम बंगाल1962विधानसभा55.556पश्चिम बंगाल1962लोकसभा55.757पश्चिम बंगाल1967विधानसभा66.108पश्चिम बंगाल1967लोकसभा66.039पश्चिम बंगाल1969विधानसभा66.5110पश्चिम बंगाल1971विधानसभा62.0311पश्चिम बंगाल1971लोकसभा61.9312पश्चिम बंगाल1972विधानसभा60.8013पश्चिम बंगाल1977विधानसभा56.1514पश्चिम बंगाल1977लोकसभा60.2415पश्चिम बंगाल1980लोकसभा70.6216पश्चिम बंगाल1982विधानसभा76.9617पश्चिम बंगाल1984लोकसभा78.6118पश्चिम बंगाल1987विधानसभा75.6619पश्चिम बंगाल1989लोकसभा79.6720पश्चिम बंगाल1991विधानसभा76.8021पश्चिम बंगाल1991लोकसभा76.7322पश्चिम बंगाल1996विधानसभा82.9423पश्चिम बंगाल1996लोकसभा82.6624पश्चिम बंगाल1998लोकसभा79.2725पश्चिम बंगाल1999लोकसभा75.0526पश्चिम बंगाल2001विधानसभा75.2927पश्चिम बंगाल2004लोकसभा78.0428पश्चिम बंगाल2006विधानसभा81.5829पश्चिम बंगाल2009लोकसभा81.4230पश्चिम बंगाल2011विधानसभा84.7231पश्चिम बंगाल2014लोकसभा82.2232पश्चिम बंगाल2016विधानसभा83.0233पश्चिम बंगाल2019लोकसभा81.7634पश्चिम बंगाल2021विधानसभा82.3035पश्चिम बंगाल2024लोकसभा79.5536पश्चिम बंगाल2026 (चरण -1)विधानसभा92.72
92.69 प्रतिशत महिलाओं ने किया वोट
पहले चरण के चुनाव में पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 सीट पर गुरुवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ। इन सीटों पर 167 महिलाओं सहित कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि गुरुवार को हुए मतदान में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। इसमें महिला मतदाताओं का प्रतिशत 92.69 रहा, जबकि पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 90.92 रहा। तीसरे लिंग के मतदाताओं का प्रतिशत 56.79 रहा।
मतदान प्रतिशत से मोदी खुश
भारी मतदान पर दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दलों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस ने अपने पक्ष में निर्णायक जनादेश मिलने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए मतदान को परिवर्तन के लिए भारी जनादेश बताया और दावा किया कि चुनाव संबंधी हिंसा पिछले पांच दशकों में सबसे कम रही। हालांकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
ममता ने क्या कहा?
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उच्च मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि लोगों में यह डर है कि अगर वे मतदान नहीं करेंगे, तो वे अपना मताधिकार और नागरिकता खो सकते हैं। उन्होंने मतदाता भागीदारी को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)की प्रक्रिया के साथ जोड़ा। पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में संपन्न हुए थे और कुल मतदान प्रतिशत 82.30 फीसदी रहा था। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों में अलग-अलग चरणों में मतदान 79 से 86 प्रतिशत के बीच रहा था।
95 प्रतिशत तक पहुंच सकता है अंतिम मतदान प्रतिशत
अधिकारियों के अनुसार अंतिम मतदान प्रतिशत और बढ़ सकता है, जो संभवतः 95 प्रतिशत के करीब पहुंच सकता है। वर्ष 2021 में बीजेपी ने इन 152 सीटों में से 59 सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल को 93 सीटें मिली थीं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी। इस बीच, निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद के नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें मतदान समाप्त होने के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त प्रोटोकॉल निर्धारित किए गए हैं।




